बजरंगी भाईजान हो...जज्बा का बंदेया हो...राज़ रीबूट के गाने हों रुस्तम के गाने या फिर हाल फिलहाल आया हम्मा हम्मा रिमिक्स और काबिल के सारे गाने..इन सारे एल्बम की सफलता में जिस एक आवाज़ का योगदान है तो वो है उत्तराखंड के जुबिन नौटियाल…
सवाल- आपकी आवाज़ का असर कमाल का है...ये कनकती आवाज़ का संगीत से कनेक्शन कब कैसे हुआ...
जवाब- मेरे गुरुजी लेट पंडित गणेश प्रसाद मिश्रा जी मेरे चाचा को सीखाने आते थे..मैं लखनऊ की हूं महानगर में हम रहते थे...मैं वहां बैठती थी..उस संगीत की…
पुराना ख्वाब क्यों मानते हैं वज़ीर को ..
ये कहानी सितंबर 88 में शुरु हुई थी..एक आर्टिकल एलिस्ट्रेटेड वीकली में पढ़ा था और उस पर ये कहानी लिखी..तब वो कहानी का नाम मैने फिफ्थ मूव लिखा था..वजीर 2016 में आयी और फिल्म ठीक ठाक चली..इसपर…
एक अच्छे कार्टूनिस्ट का ब्रश स्ट्रोक हमेशा इतिहास रचे ऐसा अक्सर नहीं होता है. एवं एक सत्यनिष्ठ और उतना ही जुनूनी इंसान जिनकी सादगी, स्पष्टवादिता, त्याग और संघर्ष ने महाराष्ट्र के आम आदमी की जिंदगी में बदलाव लाकर अपना जीवन वृतांत लिखा.…
अक्सर हम सितारों को उसके मुकाम से जानते हैं.उसकी मेहनत से नहीं..आज हम एक ऐसे सितारे से आपकी मुलाकात करा रहे हैं जिसकी जिन्दगी संघर्षों की तपिश से निकलकर चमकदार बनी है। पीकू या फिर हालिया रिलीज़ करीब करीब सिंगल...सब कुछ बड़ा इमानदार सा लगता…