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सिनेमा की सोच और उसका सच
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Birthday Special : किसने रोकी थी हेमा मालिनी और सुपरस्टार जितेंद्र की शादी?

सुपरस्टार जीतेन्द्र ने अपने बचपन का प्यार शोभा कपूर से साढ़े चार दशक से अधिक समय तक खुशी-खुशी शादी निभाई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्होंने हेमा मालिनी से लगभग शादी कर ली थी? वास्तव में, उनकी शादी की तैय्यारीया चेन्नई में पहले से ही चल…

ज़ोहरा सहगल की अभूतपूर्व शख्सियत

कई सितारों को मैं जानता हूं  कहीं भी जाऊं मेरे साथ चलते हैं.. रामपुर उत्तरप्रदेश के एक रोहिल्ला पठान परिवार में ज़ोहरा सहगल उर्फ साहबज़ादी ज़ोहरा बेगम का जन्म 27 अप्रैल, 1912 को हुआ। सात बच्चों के परिवार में ज़ोहरा तीसरी संतान थीं।…

अप्रैल में पुण्यतिथि पर शक्ति सामंत को श्रद्धांजलि

हिन्दी एवं बांग्ला फ़िल्मो के सुपरिचित निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत का जन्म वर्धमान (पश्चिम बंगाल) मे हुआ था। परिवार ने प्रारंभिक शिक्षा हेतु उन्हे देहरादून भेजा | पढाई पूरी कर वापस कलकत्ता (कोलकाता) लौटे और कलकत्ता विश्वविद्यालय के ‘कला…

सत्यजीत रे व पंडित रविशंकर के साथ का कलात्मक संयोग

सत्यजीत रे की लिखी वो स्क्रिप्ट जो कभी फिल्म नहीं बन सत्यजित रे की पंडित रवि शंकर को श्रद्धांजलि में लिखी किताब कभी आपकी आंखों से गुज़री क्या? इसे कभी डाक्यूमेंट्री का रूप लेना था लेकिन अफसोस कि सत्यजित के इस काम ने  उजाला नहीं देखा। लेकिन…

जैकलीन फर्नांडीज ने शेयर की अपने नए वर्कआउट रिजीम की झलक!

बॉलीवुड में सबसे फिट कलाकार में से एक, जैकलीन फर्नांडीज अपने दिनचर्या में कभी भी कसरत करना भूलती नहीं है और उनका हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट इस बात का सबूत है। अभिनेत्री अक्सर अपने दिनचर्या की झलक साझा कर के अपने प्रशंसकों का मनोरंजन करती रहती…

हिंदी सिनेमा के पहले स्टार गायक अभिनेता कुंदन लाल सहगल

गम दिए मुस्तक़िल एवं ‘बाबुल मोरा नईहर छूटो जाए’ जैसे अमर गीतों के प्रतिनिधि कुंदन लाल सहगल का जन्म 11 अप्रैल 1904 को जम्मू के नवांशहर में हुआ था। बचपन के दिनों से ही सहगल को संगीत ने काफी प्रभावित किया। स्कूल जाने की उम्र में रामलीला के

अपने क़िरदारों में रचा बसा कलाकार ‘बलराज साहनी’

बलराज साहनी  सिनेमा की एक अविस्मरणीय शख्सियत रहे हैं। अभिनय में आज भी बलराज को बडा आदर्श माना जाता है । बलराज साहेब लीक से हटकर काम करने के लिए जाने जाते थे। वह एक जुझारू एवं समर्पित कलाकार थे । बलराज साहनी व  प्रेमचंद के

तहज़ीब की मिसाल बनने वाले अभिनेता ‘फ़ारुख शेख’

फारुख शेख की पहचान शहर-ए-सिनेमा में अकीदत व तहज़ीब का किरदार की थी। फारुख ने बदतमीज़ होने के चलन को बेहतरीन तरह से मात दी थी। ऐसा नहीं कि फिल्म इंडस्ट्री में तहज़ीब का सारथी बाकी नहीं, लेकिन फारुख साहब एक अलग मिसाल थे। कहना होगा कि बहुत