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काबिल जुबिन का कमाल का इंटरव्यू

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बजरंगी भाईजान हो…जज्बा का बंदेया हो…राज़ रीबूट के गाने हों रुस्तम के गाने या फिर हाल फिलहाल आया हम्मा हम्मा रिमिक्स और काबिल के सारे गाने..इन सारे एल्बम की सफलता में जिस एक आवाज़ का योगदान है तो वो है उत्तराखंड के जुबिन नौटियाल की..उनसे ख़ास बातचीत प्रशान्त पाण्डेय की। 

 

आप देवभूमि से हैं..उत्तराखंड से हैं..क्या कुछ याद आता है..जुबिन

– बॉम्बे आये हुए चार साल हो चुके हैं..यहां दोस्त हैं…प्रोफेशनल यारी भी है..यहां भी एक फैमिली जैसी है मगर फिर भी इसको घर नहीं कर पाता..घर तो वही मेरा जौनसार देहरादून है..घर जाकर ही मुझे सुकून भरी नींद आती है..देहरादून में पहाड़ों पर गीत गाना नहीं गीत लगाना बोलते हैं..तो वो गीत लगाना बहुत याद आता है। यहां मुंबई में घर से निकलो तो सड़कें आती हैं..मेरे घर उत्तराखंड में निकलने पर पहाड़ पेड़ नदिया दिखती हैं।

जुबिन क्या कभी सोचा था इतना कुछ मिल जायेगा चार सालों में। 

 जब मैं पहले दिन मुंबई आया था मुझे आज भी वैसा ही अनुभव है…आज भी बस अच्छा काम करने का दिल होता है..वही करता हूं..मेरे उपर ईश्वर की कृपा रही है जो लगातार बेहतर काम मिल रहा है…

 

हम्मा हम्मा कैसे मिला..रहमान साहब के गाने की आवाज़ बनना बड़ी बात है। 

जवाब-
हम्मा हम्मा मेरे लिये भी सरप्राईज था..मेरे फैन्स की तरह..वो कोई प्लान्ड गाना नहीं था..लास्ट मोमेंट मुझे बुलाया गया और मैने जो गाया वो फिल्म में रख लिया गया…इसके लिए मैं बादशाह, रहमान सर, धर्मा प्रोडक्शन करण जौहर का शुक्रगुजार हूं। एक कल्ट गाने के रिक्रियेशन का हिस्सा होना बहुत फक्र की बात है..बहुत प्यार से रिक्रियेट किया है..बिना किसी प्रेशन के रिक्रियेट किया। बहुत फ्रेंडली माहौल में डब किया। तनिष्क और अजीम जो धर्मा के लिए काम कर रहे हैं और मैने उनके साथ पहले बहुत काम किया तो ये बस उन्ही के जरिए मुझ तक गाया।

सवाल- रहमान से आपका नाता कैसे बना।

– बहुत कम लोग हैं जो जानते हैं कि रहमान साहब वो पहले कंपोजर हैं जिनसे मैं इस इंडस्ट्री में मिला..आमतौर पर गायक जब बहुत कुछ कर लेते हैं तब रहमान सर के पास जाते हैं उनसे मिलते हैं लेकिन मैं सौभाग्य शाली हूं जो उनसे करियर की शुरुआत में ही मिलने का मौका मिला। मैं 2007 में मिला था उनसे…वो एक रियलिटी शो जज कर रहे थे और तब मैं 18 साल का था उनसे मिलने चला गया..मेरी आवाज़ सुनकर उन्होने कहा था कि आपकी आवाज बहुत अलग है..आपकी आवाज़ में अलग टोन है..मगर अभी फिल्मों में मत गाना..फिलहाल 21 साल तक आवाज़ पर काम करो उसके बाद बॉलीवुड में गाना। बस मैने वो एक बात गांठ बांध कर रख ली और अपने होम टाउन चला गया और संगीत साधना में जुट गया।

काबिल कैसे मिली..बहुत बड़ी फिल्म है. हर एक गाना आपका है और ऋतिक की आवाज़ बने हैं।  

– इसे मैं डेस्टिनी मानता हूं…क्योंकि राजेश रौशन जैसे लीजेंड की कंपोजीशन पर गाना बड़ी बात है..जब उन्होने मुझे काबिल के लिए बुलाया तो मुझे भी अंदाजा नहीं था कि पूरी एलबम मैं गा दूंगा..और उन्होने भी मुझे सिर्फ एक गाने के लिए बुलाया था..जज्बा का बंदेया उन्होने सुना था मेरी आवाज़ में और उन्हे मासूमियत चाहिए थी आवाज़ में। लेकिन वो गाना एक मैजिक जैसा क्रियेट हुआ और उन्हे मेरी आवाज़ बहुत पंसद आयी…इसके बाद उन्होने लगभग सभी गाने मेरी आवाज़ में रिकॉर्ड किये। दिल क्या करे एक एक कल्ट गाना है जो रौशन साहब की ही धुन है और उसके साथ मैं न्याय कर पाया ये बहुत बड़ी बात है।

प्रीतम के साथ बजरंगी भाईजान का अनुभव

– प्रीतम दा बहुत अच्छे इंसान हैं..प्रीतम दा से बहुत सीखा है..प्रीतम दा के साथ इंटेंस डबिंग की है..प्रीतम दा के साथ घंटों डबिंग की है…वो इंडस्ट्री के बड़े कंपोजर में से एक हैं…मैं उनको जितना शुक्रिया करूं कम है। सलमान खान के लिए गाना होगा ये पता भी नहीं था। तो वो मेरी लाइफ का ऐसा वक्त चल रहा था कि सच में गाने के लफ्जो की तरह कुछ को बता जिं दगी ही चल रहा था…

जुबिन नौटियाल ने खुद को काबिल साबित किया है..हम भी यही उम्मीद करेंगे कि उनकी मेहनत और शख्सियत यू हीं निखरती रहे। हमारी ओर से उन्हे  ऑल द बेस्ट।

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