वो Star Kids जिनका नहीं चला बड़े परदे पर जादू
आजकल Star Kids और नेपोटिज्म की काफी चर्चा है..ऐसेे में फिल्मसिटी वर्ल्ड के गेस्ट राइटर आदित्य मेहता लेकर आए हैं उन स्टार किड्स की कहानी जिनके काम न आया उनके मां बाप का बड़ा नाम..
हाल ही में फ़िल्म जगत में भाई-भतीजावाद (नेपोटिजम) पर बहुत चर्चा हुई है। भाई-भतीजावाद के नाम पर फ़िल्म जगत में आने वालों की कड़ी आलोचना, तो आउटसायडर्स कहलाने वाले कई अभिनेताओं की जमकर तारीफ़ भी की जा रही है। इन सभी चर्चाओं में एक पहलू थोड़ा अनछुआ रह गया। वास्तविकता में तारीफ़ उन्हीं की होनी चाहिए, जो वाकई में उसके लायक हो, ना कि जिन्हें वो सराहना वसीहत में मिली हो।
पर आज हम आपको बताने जा रहे है, कुछ ऐसे स्टार-किड्स की कहानी, जो हैं तो फ़िल्म जगत के महारथियों की संतानें, परंतु उनका जादू बड़े पर्दे पर ज्यादा चल नहीं पाया।
कुमार गौरव

कुमार गौरव स्व. अभिनेता राजेन्द्र कुमार के बेटे हैं। उन्होंने अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत 1981 में ‘लव स्टोरी’ से की थी। फ़िल्म को राजेन्द्र कुमार ने ही प्रोड्यूस किया था और कमाई के मामले में फ़िल्म बेहद सफल भी हुई थी। कुमार गौरव की भी उनके अभिनय को लेकर बहुत तारीफ़ हुई। पर अच्छी कहानियां ना मिलने की वजह से धीरे-धीरे यह सितारा बॉलीवुड की चकाचौंध से ओझल हो गया। कुमार ने ‘तेरी कसम’ और ‘नाम’ जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया था।
रिंकी खन्ना

रिंकी खन्ना मशहूर अभिनेता राजेश खन्ना और अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया की सबसे छोटी बेटी हैं। रिंकी ने फिल्मी दुनिया में कदम 1999 में ‘प्यार में कभी कभी’ फिल्म के साथ रखा था। राजेश खन्ना की बेटी को उसके बाद सिर्फ कुछ ही फिल्में मिली, जिनको भी दर्शकों ने कुछ ज्यादा नहीं सराहा।
कुणाल गोस्वामी

मशहूर कलाकार मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी ने फिल्म जगत में कदम 1981 में अपने पिता की ही फिल्म ‘क्रांति’ से रखा था। कुणाल ने क्रांति में एक बाल-कलाकार का रोल निभाया था, जिसके बाद कुणाल कई फिल्मों में अभिनय करते दिखे। जैसे कि रिक्की, आखिरी बाजी, विशकन्या, और नंबरी आदमी। फिल्में मिलने के बाद भी कुणाल अपने दर्शकों पर अपनी कोई खास छवि नहीं छोड़ पाए। और शायद, यही वजह रही कि बॉलीवुड जल्द ही उन्हें भुल गया।
संजना कपूर

संजना कपूर स्व. अभिनेता शशि कपूर और जैनिफर केंडल की बेटी हैं। संजना की पहली फिल्म 1981 में आई ’36 चौरींगी लेन’ थी। इसके बाद संजना ने कुछ और फिल्मों में काम किया, लेकिन बदले में दर्शकों से कोई खासा जवाब नहीं मिला। संजना आज थियेटर और टीचिंग का कार्य कर रही हैं।
कुणाल कपूर

कुणाल कपूर स्व. अभिनेता शशि कपूर और जैनिफर केंडल के बेटे हैं। कुणाल एक अभिनेता, एड डायरेक्टर, और अपनी खुद की ही कंपनी ‘एडफिल्म वलास’ के प्रोड्यूसर भी हैं। 1798 में फिल्मी जगत में कदम रखने वाले कुणाल का फिल्मी कैरियर ज्यादा लंबा नहीं रहा। फिल्मों से उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली। कुणाल की पहली फिल्म थी ‘जुनून’। उसके बाद कुणाल आहिस्ता-आहिस्ता, उत्सव, और विजेता जैसी फिल्मों में नजर आए।
पुरू राजकुमार

पुरू राजकुमार स्व. अभिनेता राज कुमार के बेटे हैं। पुरू ने 1996 में ‘बाल ब्रह्मचारी’ फिल्म के साथ अपनी फिल्मी दास्तां लिखनी प्रारंभ की थी। बाल ब्रह्मचारी को बॉक्स ऑफिस में ज्यादा सफलता नहीं मिलने के बाद पुरू को भी ज्यादा बड़ी फिल्में मिली नहीं। पुरू एलओसी कारगिल, उमराव जान, और वीर फिल्मों में नजर आए। और उसके अलावा पुरू अक्सर कैमियो या बी-ग्रेड फिल्मों में ही दिखे।
शादाब खान

शादाब खान स्व. अभिनेता अमजद खान के बेटे हैं। शादाब 90 के दशक में कई फिल्मों में नजर आए। पर शायद दर्शकों को उनकी अदाकारी ज्यादा रास नहीं आई। उन्होंने बेताबी, राजा की आएगी बारात, और रेफुजी जैसी फिल्मों में काम किया। बाद में उन्होंने 2016 में आई ‘एम ए पास’ फिल्म को डायरेक्ट भी किया था।
राजीव कपूर

राजीव कपूर एक अभिनेता, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। राजीव महानायक राज कपूर और कृष्णा कपूर के सबसे छोटे बेटे हैं। राजीव ने फिल्मी दुनिया में कदम 1983 में फिल्म ‘एक जान है हम’ के साथ रखा था। उसके दो साल बाद राजीव ‘राम तेरी गंगा मैली’ फिल्म में दिखे, जो कि बड़ी स्क्रीन पर बहुत छाई। उसके बाद राजीव को अभिनय के क्षेत्र में ज्यादा कुछ काम मिला नहीं, तो राजीन फिल्म प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बन गए।
करण कपूर

स्व. शशि कपूर और जैनिफर केंडल के बेटे करण ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। परंतु सफलता हासिल ना होने के बाद वे आज एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर के रूप में कार्य कर रहे है। करण ने 1978 में ‘जुनून’ फिल्म में अभिनय कर बॉलीवुड में कदम रखा था। उसके बाद वे सुल्तनत, लोहा जैसी फिल्मों में नजर आए और फिर फोटोग्राफर बन गए।
साशा आघा

साशा आघा पाकिस्तानी मूल की ब्रिटिश सिंगर और अभिनेत्री सलमा आघा की बेटी हैं। साशा की पहली फिल्म 2013 में ‘औरंगजेब’ आई थी, जिसमें उन्होंने अर्जुन कपूर के साथ काम किया था। उसके बाद साशा 2014 की फिल्म ‘देशी कट्टे’ और फिर सीधे 2017 की फिल्म ‘खोज’ में नजर आई।
सुनील आनंद

सुनील आनंद एक अभिनेता और डायरेक्टर हैं। सुनील देव आनंद साहब और कल्पना कार्तिक के बेटे हैं। सुनील की पहली फिल्म 1984 में आई ‘आनंद और आनंद’ थी, जिसमें उन्होंने अपने पिता के साथ ही अभिनय किया था। देव आनंद साहब ने ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी किया। सुनील बॉलीवुड में ज्यादा लंबे समय तक चल नहीं सके। उन्होंने कार थीफ, मैं तेरे लिए, और मास्टर जैसी फिल्मों में काम किया, जो कि बड़े पर्दे पर फ्लॉप हुई।
Source – Desi Humor
