Review : ‘Mrs Serial Killer’ जिसके नाम में ही छिपी है पूरी कहानी, बूझो तो जानें !
Mrs Serial Killer का रिव्यू कर रहे हैं फिल्मसिटी वर्ल़्ड के गेस्ट राइटर शशांक शेखर पाण्डेय.
Mrs Serial Killer का पहला सीन..सोना(जैकलीन फर्नांडिस) एक साइको किलर जैसी जमीन पर बैठी है। वो रो रही है, चिल्ला रही है, बहुत ज्यादा परेशान है। एक साइको पैथ की तरह वो किसी से बात भी कर रही है। अचानक एक आवाज़ सुनकर वो और जोर से चिल्लाने लगती है।वो उठकर-चलकर जाती है..उसने एक लड़की को कैद कर रखा है। एक-दो और प्रेम, डायलॉग्स के बाद ओपनिंग सीन खत्म हो जाता है।
मिसेज सीरियल किलर के इस शुरुआती सीन से इस सीरीज को लेकर आपका रोमांच बढ़ता है, क्योंकि आपको इस सीरियल किलर की कहानी जाननी है। सीन दर सीन, कहानी आगे बढ़ती है। कहानी के साथ, सोना(जैकलीन फर्नांडिस) अपने उस कैरेक्टर को आपके मन के साथ गढ़ती जाती है। इस सीरीज की कहानी में विशेष बात यही है कि कहानी के साथ, डायरेक्टर आपका मन भी गढ़ी जाती है।

जैसे-जैसे कहानी बढ़ेगी..आपके मन और दिमाग को धीरे-धीरे सबकुछ समझाया जाएगा। ऐसा कुछ भी नहीं होगा जो आप समझ नहीं पा रहे होंगे लेकिन यही मिसेज सीरियल किलर की यूएसपी है। मिसेज सीरियल किलर के शुरुआती आधे घंटे के बाद ही आप सबकुछ जानते हुए भी इसे पूरा देखना चाहेंगे।
मिसेज सीरियल किलर में सोना(जैकलीन फर्नांडिस) का कैरेक्टर आपमें से कई लोगों के साथ रिश्ता बना सकता है। वो थोड़ी अजीब जरूर लगेगी, लेकिन हममें से कई लोग वैसे ही होते हैं या बनने की क्षीण इच्छा रखते हैं।
फिल्म में सर्जन बने मनोज वाजपेई के कैरेक्टर ने वो सबकुछ ठीक वैसा ही किया है जैसा वो अक्सर करते आए हैं।

ओवर आल मिसेज सीरियल किलर एक साइको थ्रिलर बनाने की नई कोशिश सरीखी जरूर है लेकिन ये अंत में कसक छोड़ जाती है।
