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Interview Rakul Preet Singh : ”पहली बार फिल्मों का ऑफर आया था तो सीधा मना कर दिया था”

Rakul Preet लगातार बॉलीवुड में भी सक्रिय हैं..उनकी फिल्म मनजावां रिलीज हो चुकी है जिसमें वो तवायफ के किरदार में हैं..उनसे खास बातचीत की हमारी सीनियर राइटर वर्षा दीक्षित ने..बातचीत का ब्यौरा पेश कर रहीं हैं अदिती गुप्ता।

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रिपोर्टर – Rakul Preet दिवाली के बाद आप मिल रहीं हैं तो कैसी रही आपकी दिवाली ?
रकुल – बहुत ही अच्छी.. मै शिलीम में थी अपने दोस्तों के साथ क्योंकि मुझे पॉल्यूशन और शोर में नहीं रहना था.. तो सन्डे की दिवाली थी ना सैटरडे की सुबह हम निकल गए थे और मंडे की रात वापस हमने ट्रैक किया.. मेरे दो दोस्तों के साथ मेरी योग इंस्ट्रक्टर और मेरी बेस्ट फ्रेंड भी थी तो फिर हमने ट्रेकिंग की ,वाटरफॉल्स,मैडिटेशन ,योग सब प्रकृति से जुड़ी रही हमारी दिवाली..हमारा जो  रिसोर्ट था वो एक आयुर्वेदिक रिट्रीव था.. हम फारेस्ट वाक करते जंगल में रहे पूरे दिन।  मन को शांति मिलती है सिटी से बाहर।

रिपोर्टर – फिल्म मरजावां में तारा का किरदार बेज़ुबान है तो क्या आपको बहुत मौका मिला बोलने का?
रकुल – मुझे भारी भरकम डायलॉग दे दिया है मिलाप( निर्देशक) ने। जब मुझे कहानी नैरेट की थी थो उन्होने बोला आज तक मेरी फिल्म में हीरो के भारी डायलॉग होते हैं पर पहली बार हीरोइन के इतने धांसू डायलॉग हैं.. जैसे कि आप देख सकते हैं ट्रेलर में शेर के मुंह में गर्दन वाला मेरा डायलॉग.. तो जो केरैक्टर है आरज़ू का वो 90 के दशक से इंस्पायर है।  वो एक तवायफ का केरैक्टरर है.. वो बहुत शायरी वाले अंदाज़ में बात करती है। उसमें एक अदा है,नज़ाकत है इसलिए मुझे यह किरदार पसंद आया ..क्योंकि पिछ्ले कुछ सालो में ऐसा कैरेक्टर देखा नहीं  जो रेखा जी, तब्बू और चंद्रमुखी जैसा हो।

रिपोर्टर –  मुंबई आना और फिल्मो में करियर बनाना ..ये सब आपने बचपन से सोचा था ?
रकुल -बचपन से तो नहीं क्योंकि बचपन मेरा पूरा खेल कुद में निकला लेकिन हाई स्कूल में आकर बहुत सारी फिल्में देखीं थीं जहां कहीं न कहीं मेरी मॉम चाहतीं थी कि मिस इंडिया में जाउं। ये सपना मेरी मां ने मेरे अंदर डाला तब मैं 10वीं या 11वीं में थी। ये सुनकर मैने बोला कि आपका दिमाग ख़राब हो गया है। मैने बिकनी पहनी थी कभी  क्योंकि मैं टॉमबॉय थी और स्पोर्ट्स में थी तो मेरी मां ने बोला कि घर पर ड्रामा करती हो यही काम बाहर करो..फिर मैने सोचना शुरु किया । फिर 12 वीं के बाद सोचा मॉडलिंग करने की..बस फिर रास्ता बनता गया।

रिपोर्टर – आप साउथ इंडियन मूवीज भी कर रहीं हैं.. बॉलीवुड साउथ कैसे बैलेंस करतीं हैं ?

रकुल – बस कर लिया.. डेस्टेनी है.. लाइफ को सोच नहीं सकते ज्यादा.. सब मुझे पता भी नहीं था साउथ इंडियन इंडस्ट्री के बारे मेंयय..मैं 18 साल की थी जब मैने मॉडलिंग शुरू की थी ..अब 10 साल हो गयें और मुझे पता हीं नहीं था इतनी बड़ी इंडस्ट्री है साउथ की या बॉलीवुड की तो जब मुझे  पहला फ़ोन आया था तो मैने मना कर दिया था। फिर मेरे पापा के एक दोस्त ने उन्हें कॉल किया..उनको बोला मैने इसकी डेट ऑफ़ बर्थ देखी है ये  बहुत सक्सेस्फुल स्टार होगी । फिर मुंबई आई फिर मैने यारियां की सबको लगता है मैने साउथ में पहले फिल्म की मगर यारियां पहले शूट हुई है।  उसको रिलीज होने में एक साल लग गया फिर सब होता चला गया।

रिपोर्टर – रकुल आप चेंज विथ इन के साथ जुडी हुई है कैसा रहा एक्सप्रेस गाँधी जयंती का ३०० साल पूराना?
रकुल-  बहोत अच्छा था एक्सप्रेस जिसकी की मोदी जी नै यह इनिशिएटिव सूरी किया चेंज विथ इन यह हम लोग सब एक्टर्स आपने सोशल मीडिया प् अपनी अपनी तरीके से बात करता है वो बोलते है क्यू न सारि इंडस्ट्री साथ आजाये और बात करे प्रोबलम की क्याकि हमारा देश सेलेब्रटी को बहोत फॉलो किया जाता है इंस्टाग्राम पे सोशल मीडिया प् लोग बहोत इन्फ्लुएंस होते हैं अभिनेताओं से हम सब बात करता है फिर हम समझता है की प्लास्टिक मत उस करे क्रैकर्स न बस्ट करे जीता आपने बात ककरगे थो एनवीरोमेंट थी हो सकता है यह आपने गाँधी टाइम डेल्हा जहा सब सामान होता थे जितना हम साथ आके बात करगे उतना देश मै सुधार आएगा

रिपोर्टर- सिद्धार्थ के साथ काम करके केसा लगा ?
रकुल-  सिद्द और मै दोनों ही दिल्ली से है और हम दोनों मैं काफी अच्छी अंडरस्टैंडिंग हैं। अय्यारी मे हम दोनों ने ही अच्छा काम किया था। हम दोनों मै कोस्टार जैसी नहीं बल्कि दोस्ती जैसी भावनाएं ज़ादा है

रिपोर्टर – आपको खाने मे क्या पसंद है
रकुल-  मै बहुत फूडी हु मुझे घर का खाना पसंद है। अपनी मम्मी का बना हुआ खाना जैसे काले चने बहुत पसंद है मम्मी के बने हुए ,पालक ,करेला ,लोकी बहोत पसंद है सब कुछ आरहा है अभीपरसो मै दिल्ली जाने वाली हु थो ]अभी से बोल दिया है ब्रेकफास्ट मै यह ,डिनर मई यह….. यह हमेसा होता है जभी मई दिल्ली जाती हु एक दिन के लिया भी जाऊ थो मेनू बता देती हु मुंबई मै लॉएड किचन गार्डन मेरा पसंददर है ,फार्मर्स कैफ़े मुझे हेअल्थे खाना पसंद है
८. आपकी फिटनेस ,नुट्रिशन गाइड कौन है?
>नुट्रिशन काफी सारे है और मै खुद भी हु क्यूंकि मै सब से पूछ क होमवर्क करती हु मेरी बॉडी प् क्या सूट होता है सब आपने एक्सप्रेस सा बात करता पर मेको आपने आप का देख न होता है मेरे जो ट्रेनर है वो जो रणबीर का जो ट्रेनर है कुणाल वो मेरा नहीं फिघ्टनेस ट्रेनर है वो मेरे ट्रेनर बहोत सालो से है वो हैदराबाद से है फिर वो यहाँ आये रणबीर क लिया संजू मूवी क लिये थो कुणाल मुझे ट्रैन करते है और अगर मेको फंक्शनल करने हो थो मेरा दुसरे ट्रेनर है हररयोसं जेम्स जिनके वजह से मेको फिघ्टनेस सा प्यार हो गया था यह दोनों मेरे ट्रेनर है और मेरा पस्स मेरी नुट्रिशन चौदरी जो अभी दुबई मे है दुबई और मुंबई उनके पास बहोत सारे एक्टर क्लाइंट बे है

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