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Birthday Special : रामगोपाल वर्मा की वो फिल्में जो अपने आप में फिल्म स्कूल हैं

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1.सत्या (1998)
फिल्म सत्या से रामगोपाल वर्मा ने हिंदी सिनेमा को एक नया डॉन दिया. आप भीखू म्हात्रे के किरदार को नहीं भूले होगे.इस किरदार को अभिनेता मनोज बाजपेयी ने निभाया था. मनोज बाजपेयी उस वक्त तक फिल्मों और टीवी सीरियलों में छोटे मोटे रोल किया करते थे. इस फिल्म ने मनोज बाजपेयी को स्टार बना दिया. अनुराग कश्यप इस फिल्म की राइटिंग टीम का हिस्सा बने और ये फिल्म उन्होंने मशहूर कलाकार सौरभ शुक्ला, जिन्होंने इस फिल्म में कल्लू मामा का सुपरहिट किरदार किया, के साथ लिखी. इस फिल्म के जरिए राम गोपाल वर्मा को कई पुरस्कार मिले.

2. जंगल (2000)
राम गोपाल वर्मा के हिंदी सिनेमा के आसमान पर चमकते सूरज को पहला ग्रहण लगा फिल्म जंगल से. फिल्म में फरदीन के अलावा उर्मिला मातोंडकर, सुशांत सिंह और सुनील शेट्टी अहम भूमिकाओं में दिखे. माना जाता है कि ये फिल्म रामू ने वीरप्पन के संसार को दिखाने के लिए बनाई थी.

3. कंपनी (2002)
राम गोपाल वर्मा ने जहां मनोज वाजपेयी को फिल्म ‘सत्या’ से हिंदी सिनेमा में दमदार अदाकारी से परिचित कराया तो वहीं विवेक ओबेरॉय को फिल्म ‘कंपनी’ में पेश कर नई पहचान दिलाई. फिल्म कंपनी मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी. कथित रूप से छोटा राजन पर आधारित फिल्म का किरदार चंदू नागरे सुपरहिट रहा. इस फिल्म में अजय देवगन कुछ कुछ दाऊद इब्राहिम से मिलता जुलता किरदार करते दिखे. इसके अलावा फिल्म में मनीषा कोइराला, सीमा बिस्वास ने भी दमदार काम किया. इस फिल्म ने ब्लॉकबस्टर होने का खिताब पाया।

4. अब तक छप्पन (2004)
शिमित अमीन की ‘अब तक छप्पन’ 2004 में आई थी. इस फिल्म में नाना पाटेकर ने साधु आगाशे की भूमिका निभाई थी. फिल्म में साधु आगाशे का डायलॉग ‘एक बार पुलिस अधिकारी हो गए तो हमेशा पुलिस’ काफी फेमस हुआ थी. ‘अब तक छप्पन’ फिल्म अंडरवर्ल्ड और मुंबई पुलिस के ऊपर बनीं राम की सुपरहिट फिल्मों में से एक है.

5. एक हसीना थी (2004)
श्रीराम राघवन साल 2004 में फिल्म ‘एक हसीना थी’ के राइटर डायरेक्टर थे. फिल्म में सरिता वार्तक (उर्मिला मातोंडकर), एक साधारण ट्रैवल एजेंट एक नौजवान व्यवसायी करन राठौड़ (सैफ़ अली ख़ान) से मिलती है और उसे उससे प्यार हो जाता है. लेकिन करन एक क्रिमिनल होता हैं. जिसकी वजह से सरिता को कई साल की सजा हो जाती है. सरिता को अपनी गलती का अहसास होता है पर तब तक काफी देर हो चुकी थी. जेल में एक साथी प्रमिला प्रमिला काज़मी की मदद से वह जेल से बाहर निकलती है और करन के साथ बदला लेने के खतरनाक खेल को शुरु करती है. ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी.

6. सरकार (2005)
कहा जाता है कि राम गोपाल वर्मा की फिल्म सरकार हॉलीवुड फिल्म ‘द गॉडफादर’ का रीमेक है, लेकिन जो भी हो, राम गोपाल वर्मा ने फिल्म सराकर में मुख्य किरदार निभा रहे अमिताभ बच्चन का लुक बहुत कुछ बाल ठाकरे जैसा रखा. फिल्म में अभिषेक बच्चन ने उनके बेटे का किरदार निभाया. इसके अलावा फिल्म में के के मेनन, अनुपम खेर, कोटा श्रीनिवास राव, सुप्रिया पाठक और तनीषा मुखर्जी ने दमदार किरदार निभाया. इन फिल्मों ने राम गोपाल वर्मा को नई पहचान दी.

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