जाने माने लेखक और रेडियो के जरिए देश कस्बे की कहानियां कहने वाले नीलेश मिसरा ने हालिया फ़िल्मफेयर अवार्ड पर सवाल उठाये हैं वो भी बड़े शानदार अंदाज़ में..नीलेश मिसरा ने सीधा सीधा तो फिल्मफेयर को निशाने पर नहीं लिया लेकिन अपने साथी गीतकार अमिताभ भट्टाचार्य को मिले बेस्ट गीतकार के अवार्ड के पैरामीटर्स पर सवाल खड़े किये हैं। फेसबुक पर एक खुला पत्र लिखते हुए वो कहते हैं…
प्रिय अमिताभ भट्टाचार्य,
आप अतिसाधारण गीतकार हैं और आप साहित्यिक व्यक्ति हैं..लेकिन आपका गीत उल्लू का पठ्ठा जिसे फिल्मफेयर बेस्ट लिरिसिस्ट का अवार्ड मिला वो आपको फक्र की जगह तड़प देगा। ये सही नहीं है और ये अनुचित है बाकी गीतों के साथ जिसमें आपके गीत भी शामिल हैं। ये पिछले साल का बेस्ट गीत नहीं था किसी भी मापदंड से। आपने और आपके साथी गीतकारों नें इससे कहीं बेहतर गीत दिये गुजरे साल। मैं बतौर साथी आपके काम का मुरीद हूं। इसलिए मुझे ये अधिकार है कि मैं आपको ये बात बताउं जैसा कि मैं पहले भी आपके पीठ पीछे भी आपकी तारीफ किया करता हूं..मुझे आश्चर्य हुआ ये देखकर कि बड़ी संख्या में हमारे साथी गीतकारों नें आपको बधाईंयां दी इस अवार्ड के लिए। मैं अब बॉलीवुड का हिस्सा नहीं हूं। मेरे दिन खत्म हो चुके हैं..मैने फिल्मी गीत लिखना बंद कर दिया है..और मुझे कभी कोई अवार्ड नहीं मिला मेरे किसी भी गीत के लिए। लेकिन सम्मान बहुत मायने रखता है आने वाले नये प्रतिभावान लेखकों के लिए..ये एक तरह से बाध्य करते हैं किसी गीतकार को सही गीत लिखने के लिए..मैं अब आपके इस सम्मान का जश्न आपके पुराने गानों को सुनकर मनाउंगा..और हां “do not take away another deserving writer’s honour in being beautiful”

