Quick Movie Review : जानिए लवयात्री की यात्रा करनी है या नहीं ?
फिल्म के डायरेक्टर हैं अभिराज मीनावाला और राइटर हैं निरेन भट्ट।
फिल्म का संगीत काफी अच्छा है जिसे दिया है तनिष्क बागची ने। फिल्म में रॉनित रॉय और प्रतीक गांधी का काम धांसूु है।
अवधि – 139 मिनट
इस हफ़्ते रिलीज़ हुई है सलमान ख़ान के बहनोई की पहली फ़िल्म लवयात्री जिसमें उनके साथ अफगानी एक्ट्रेस वरीना हुसैन भी हिन्दी फिल्मों में लॉन्च हो रहीं है। तो चलिए बताते हैं आपको कैसी है इन दोनों की लॉन्चिंग फ़िल्म-
तो भाईयों बहनों ये वो फिल्म है जिसमें हिन्दी फिल्मों की सारी प्रेम कहानियों का फॉर्मूला इस्तेमाल किया गया है। गरीब हीरो, अमीर हीरोइन, खड़ूस बाप , साथ देने वाले दोस्त और प्यार को बढ़ावा देने वाला मामा। हमारा हीरो पढ़ने लिखने में कुछ ख़ास नहीं लेकिन अंग्रेज़ी अच्छी बोलता है। गरबा टीचर है और गरबा एकेडमी खोलने का ख्वाब देखता है। हीरोइन सात समंदर पार लंदन से आयी है नवरात्री खेलने बड़ौदा। हमारी हीरोइन स्कॉलर है, लंदन बिजनेस स्कूल में पढ़ने वाली और पाउंड्स में पैसे कमाने वाली मगर है वो दिल से हिन्दुस्तानी । उसका भी एक ख्वाब है अपनी स्वर्गवासी मां के नाम पर एक एनजीओ खोलने की वो भी भारत में। 9 दिन में हीरो हीरोइन में प्यार भी होता है और खड़ूस बाप की फैलाई गलतफहमी की वजह से दोनों जुदा भी हो जाते हैं। हीरोइन लंदन चली जाती है, हीरो देवदास बन जाता है। फिर मामा जी को मिल जाता लंदन में गरबा प्रोग्राम का कॉन्ट्रैक्ट और हीरो अपनी हीरोइन से मिलने पहुंच जाता है लंदन । इसके बाद की कहानी आप अपने फिल्मी ज्ञान के बलबूते आसानी से बना सकते हैं। तो लब्बोलुआब ये है कि फिल्म में नये के नाम पर सिर्फ नये दो चेहरे हैं, सेट्स हैं, बड़ौदा है और अच्छे नये सुरीले गाने हैं। एक्टिंग दोनों ने अच्छी की है, वरीना से नजरें नहीं हटतीं और आयुष शर्मा ने सलमान सर को अच्छे से कॉपी किया है। डायरेक्शन करने के लिए कुछ है ही नहीं जब पहले से तय कर लिया हो कि सारी प्रेम कहानियों का कॉकटेल बनाना है। बाकी फिल्म देखनी है या नहीं ये आप तय कर लीजिए। फिल्मसिटी वर्ल्ड देता है इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार्स।
