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एक्टिंग से महसूस करती हुं खुद को अधूरा- कंगना

Kangana का कहना है कि वो हमेशा से फिल्में डायरेक्ट करना चाहती थी…हालांकि आजकल तो डायरेक्टर खुद एक्ट भी करते हैं।

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      अपनी आनेवाली फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी से अभिनेत्री कंगना रनौत ने डायरेक्शन की कुर्सी संभाली है….कंगना कृष के साथ मिलकर मणिकर्णिका को को-डायरेक्ट कर ही हैं….

      कंगना रनौत बॉलीवुड की उन चंद अभिनेत्रियों में से एक है जिन्होने अपनी एक्टिंग के कैलीबर का लोहा मनवाया है…क्वीन, फैशन, तनु वेड्स मनु की फ्रैंचाईजी, कंगना ने अपने दम पर फिल्म को संभाला…और उनके टैलेंट को सभी ने सहारा भी…और एक बार फिर कंगना अपने टैलेंट और फिल्मों को लेकर अपने जुनून के कारण लेकर चर्चा में है…इस बार कंगना अपनी फिल्म मणिकर्णिका में अदाकारी के साथ-साथ उसे को-डायरेक्ट भी कर रही हैं…

    डायरेक्टर के तौर पर अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कंगना ने कहा कि, मैं हमेशा से फिल्में डायरेक्ट करना चाहती थी…हालांकि आजकल तो डायरेक्टर खुद एक्टर बनना चाहते है, लेकिन जो एक्टर फिल्में डायरेक्ट करते हैं तो वो भी उसे फुल-टाइम नहीं करते…उनको लगाता है कि बतौर एक्टर उन्होंने जो तारीफ और लोकप्रियता हासिल की है वो उसे छोड़ कर सिर्फ फिल्म डायरेक्शन ही क्यों करें…हालांकि मेरे साथ सिचुएशन थोड़ी अलग है…मुझे हमेशा से ऐसा लगता था कि मेरी true calling एक्टिंग नहीं डायरेक्शन है…

    कंगना ने अपने डायरेक्शन एक्सपीरियंस को शेयर करते हुए बताया कि, ये खुद मेरे लिए काफी चौंकाने वाला अनुभव था कि कैसे एक निर्देशक के तौर पर वो सेट पर कितनी कर्म्फटेबल थीं…भले ही सेट पर कितना भी हंगामा हो रहा हो या फिर कितने ही ज्यादा लोग क्यों ना हो…बॉलीवुड की क्वीन ने कहा कि डायरेक्शन के बारे में कुछ ऐसा है जो बहुत सुकून देता है…बतौर एक्टर आप केवल फिल्म का एक हिस्सा होते हैं, जो एक क्रिएटिव पर्सन होने के नाते मुझे असंतुष्ट महसूस कराता है…

   कंगना ने अपनी आनेवाली फिल्मों को लेकर कहा कि ऐसा नहीं है कि मैं दूसरे डायरेक्टरों की फिल्मों में काम नहीं करना चाहती….मैं अश्विनी अय्यर तिवारी की ‘पंगा’ और प्रकाश की ‘मेंटल है क्या’ कर रही हुं…क्योंकि मुझे एक्टिंग पसंद है, लेकिन मुझे हमेशा से लगता था कि मेरा एक हिस्सा सड़ रहा है, मर रहा है क्योंकि उसका पूरा और सही तरीके से यूटिलाइजेशन नहीं हो रहा…जब मैं केवल अदाकार के तौर पर फिल्म का हिस्सा होती हुं तो मुझे पता नहीं होता कि बाकी फिल्म के साथ क्या हो रहा है, जोकि काफी फ्रस्ट्रेटिंग होता है…लेकिन जब आप  डायरेक्टर के तौर पर फिल्म से जुड़े होते हैं तो आपको exact goals पता होते हैं, जिन पर मेरा फोकस होता है…मेरे हिसाब से निर्देशक फिल्म का असली हीरो होता है और इसलिए निर्देशन मेरा पहला प्यार है…

  कंगना ने हंसते हुए बताया कि किसी भी फिल्म में केवल एक्टर होना काफी हद तक एक relief होता है…Its like a holiday, आप आराम से अपने वैनिटी वेन में बैठे हो और जब शॉट रेडी हो तभी ही आपको बुलाया जाता है….आप खुद सोचिए पंगा की शूटिंग के दौरान मैं मणिकर्णिका के VFX को भी देख रही थी, मतलब केवल एक्टिंग करते हुए मेरा पास इतना वक्त था…तो आप खुद सोचिए एक्टर्स कितने Overrated  होते हैं…वो दिखाते है कि पूरी फिल्म का बर्डन उनके कंधों पर होता है…लेकिन आप खुद ही सोचिए….

   इतना ही नहीं कंगना ने फिल्मी फैमिलीज पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं किसी फिल्मी फैमिली नहीं आती और ना ही मेरे लिए पहले से ही कोई platform establish था जहां जाकर में announcement कर सकूं कि मैं डायरेक्टर बनना चाहती हुं…जबकि मैं तो खुद प्रसून सर से ये पूछना चाहती हुं कि उन्होने मेरे में ऐसा क्या देखा जो उन्होने मुझे डायरेक्शन की जिम्मेदारी सौंपी, जबकि मैं खुद नहीं जानती थी कि मैं ये कर पाउंगी या नहीं…

    जी स्टूजियो और कमल जैन द्वारा निर्मित फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी 25 दिसंबर 2019 को दुनियाभर में रिलीज होगी…वहीं 18 दिसंबर को रिलीज हुए फिल्म के ट्रेलर को लोगों ने काफी पसंद किया है…

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