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Interview Diljit Dosanjh : ‘हिंदी हो या पंजाबी बेकार के रोल नहीं कर सकता’

Diljit Dosanjh की पंजाबी फिल्म ‘Shadaa’ को लोग खूब पसंद कर रहे हैं..वहीं दूसरी ओर वो अर्जुन पटियाला और गुड न्यूज जैसी हिंदी फिल्में भी कर रहें हैं..मुंबई में उनसे खास बातचीत की हमारे संवाददाता शौनक जैन ने.

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रिपोर्टर -आपको बहुत बधाइयां फ़िल्म के रिलीज पर। ट्रेलर तो काफी लाजवाब लग रहा है और काफी बॉलीवुड सेलेब्स ने भी तारीफ की तो क्या आप कुछ रिलैक्स हैं कि फ़िल्म हिट होनी ही है?
Diljit Dosanjh – नहीं नहीं ऐसा कुछ नही है। कोई भी सेलेब ट्वीट करे तो ज़रूरी नहीं कि उससे ऑडियंस फ़िल्म देखने जाए।मैं खुद भी कोई फ़िल्म देखने इसीलिए जाऊंगा कि मुझे ट्रेलर अच्छा लगा ना कि इसलिए की किसी ने ट्वीट किया हो। दर्शकों को ट्रेलर देख कर समझ आ जाता है कि ये फ़िल्म देखने वाली है मगर हाँ रिस्पांस तो अच्छा ही था। खुशकिस्मती से नीरू जी के साथ पहली चार फिल्में जो रहीं हैं वो सारी हिट ही रहीं हैं तो अभी तक तो सब अच्छा ही जा रहा है।

रिपोर्टर  -पाजी जिस तरह से फ़िल्म कुंवारों के बारे में बात करती है। क्या आपको आपने कुँवारे दिन याद आये ?
दिलजीत- ऐसा नहीं होता है कि फ़िल्म में सब सच हो। ये फ़िल्म कॉमेडी फ़िल्म है। ऐसा नही है कि आप इससे कुछ सीख कर निकलेंगे। गए साल  मैने रंगरूट की थी, उससे आप सीख सकते थे, ये एक पूरी कमर्शियल फ़िल्म है।ये ऐसी फ़िल्म है जिसे देखने में आपको मज़े आएँगे। इस साल मेरी सारी फिल्में ऐसी ही हैं। इसकी कहानी लोगों को वैसे सबसे ज़्यादा पसन्द आएगी। कहानी अच्छी लगी इसीलिए मैने ये फ़िल्म की।

रिपोर्टर -हिंदी फिल्मों में सरदार किरदार को ज्यादातर एक नाटकीय ढंग से दिखाया जाता है। अब आपके आने बाद थोड़ा बदलाव हुआ है.. इसपर क्या कहना चाहेंगे?
दिलजीत-  सच कहूं तो पंजाबी फिल्मों की वजह से मुझे यहां काम मिला है। फ़िल्म थी पंजाब 1984.. उसकी वजह से मुझे उड़ता पंजाब मिली। तो फैंटम फिल्म्स का धन्यवाद। अभिषेक चौबे सर का में बहुत बड़ा फैन हूँ। जब मुझे फ़ोन आया तब मैं पूरा खुश था क्योंकि पंजाबी में फिल्में हिट हो रहीं थीं। मुंबई हम आते रहते थे क्योंकि अनुराग सर यहीं के थे और म्यूजिक भी यहीं तैयार होता है सारा।मगर मैं किसी से मिला नहीं था और कोई आइडिया नहीं था। मैने कहा कि अच्छा रोल होगा तो करेंगे नहीं तो नहीं करेंगे। उनको भी लगा कुछ ऐसा ही और कहा की कहानी अच्छी है पूरी सुन लो तो अगले दिन पूरी कहानी सुनाई मुझे और मुझे पसंद आई। वो फ़िल्म और रोल दोनो को तारीफें मिलीं थीं और मुझे एक अवार्ड भी मिला था तो सब अच्छा रहा और रही बात उस बदलाव की तो वो सिर्फ मेरी वजह से नहीं हुआ है वो तो ओवरआल ही हुआ है।

रिपोर्टर -आप जब पंजाबी फिल्मों से बॉलीवुड आए तो क्या नज़रिया था आपका?
दिलजीत- एक ही नज़रिया और सोच थी कि मुझे बेकार के रोल नही करनें हैं। मुझे करना है बढिया काम।ये बात दिमाग में क्लियर थी। जो लोग हमारा गाना सुनते हैं और पंजाबी फिल्मे देखते आए हैं उन्हें भी ये नहीं लगना चाहिए कि यार ये क्या किया इसने बॉलीवुड में जाकर। इसकी ज़रूरत क्या थी। एक महत्वपूर्ण बात याद होनी चहिए अच्छी फ़िल्म अच्छी होती है चाहे वो पंजाबी में हो या हिन्दी में और बुरी फ़िल्म बुरी होती है। उसका कोई फायदा नहीं है। तो वही बात आज भी मन में है कि अच्छा रोल हो तो करेंगे.. ये नही कि फ़िल्म बड़ी है मगर रोल बेकार, तो उसको कर लो, इसका नुकसान होता है।

रिपोर्टर -आपको दर्शकों ने तो पुरे दिल से स्वीकार कर लिया है। क्या आपको लगता है कि इंडस्ट्री ने भी ऐसा ही किया है या कुछ फर्क लगता है अभी भी?
दिलजीत-  नहीं नहीं ऐसा कुछ नही है।कभी किसी ने ऐसा बर्ताव नहीं किया कि लगा हो कि मैं बाहरी हूं..जहां भी जाता हूँ सब अच्छे से ही मिलते हैं सम्मान देते हैं।

रिपोर्टर -आपने कहा कि आप सिर्फ वही फिल्में करेंगे जिसमे आपका रोल अच्छा होगा। तो कितनी फिल्मों को अच्छे रोल के चक्कर में ना  कर चुके हैं?
दिलजीत- बहुत सारी हैं जी (हंसते हुए).. पिछले महीने ही 2-4 बड़ी फिल्में मना की। मुझे लगा कि फ़िल्म बड़ी है और चल भी जाएगी मगर मैं क्या करूँगा इसमे? मेरा कोई फायदा नही होने वाला था। 1-2 ऐसी भी हैं जो चल गईं पर फिर मुझे लगा कर लेनी चाहिए थी। मगर इंसान हूँ गलती भी करुंगा। एक बार ऐसे ही एक फिल्म कर भी ली थी क्योंकि नामी लोग थे और उन्हें नाराज नही करना था मगर फिर समझा कि काम अच्छा होगा तभी और काम मिलेगा। किसी की वजह से में अपना करियर नही खराब कर सकता और पहले होता था मुश्किल ना बोलना, अब नहीं, अब मैं बोल देता हूँ बेधड़क ।

रिपोर्टर -फैंटम फिल्म्स के अलग होने पर क्या कहना चाहेंगे?
दिलजीत- बहुत सारी चीज़ें हैं जो शुरु होती हैं कई बार एक साथ और नही रहती हैं हमेशा। इसका मतलब ये नही की लोग अलग हों। हाल ही में अनुराग सरने  केसरी बनाई  इसका मतलब ये नहीं कि मैं उनके साथ नहीं हूँ। इस फिल्म में वो प्रोड्यूसर हैं। मैं अक्षय सर के साथ एक फ़िल्म कर रहा हूँ, एक वो कर रहें हैं। जब भी कोई हिंदी फ़िल्म आती है तो मैं उन्हें बताता हूँ और उनकी राय लेता हूँ। हम रोज़ मिलते हैं और अभी उनके हक से एक बड़ी फ़िल्म आई थी तो बात भी हुई और उन्होंनें कहा कि यार ये मत कर तेरे लिए नहीं है। मुझे लग रहा था की रिस्क ले लूं मगर उन्होंने मुझे समझाया तो बॉन्डिंग रहती है चाहे जो हो जाए।

रिपोर्टर -‘SHADAA’ के अलावा आप अक्षय और करीना के साथ ‘गुड न्यूज़’ भी कर रहे हैं तो वहां सब कैसा चल रहा है?
दिलजीत- बहुत बढ़िया माहौल होता है सेट पर और अगर युवकों को कुछ सीखना चाहिए तो वो अक्षय कुमार से सीखना चाहिए। रही बात करीना का तो उनका तो मैं बहुत बड़ा फैन हूँ।

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