FilmCity World
सिनेमा की सोच और उसका सच

Interview Sonam Kapoor : पहली बार शाहरुख़ संग काम करने पर क्या बोलीं सोनम ?

Sonam तैयार हैं अपनी नई फिल्म द जोया फैक्टर को लेकर जिसमें उनके साथ हैं मलयालम सुपरस्टार दुलकर सलमान..उनसे खास बातचीत की हमारी सीनियर राइटर वर्षा दीक्षित ने.

0 88

रिपोर्टर- Sonam आप और आपके हस्बैंड क्रिकेट को कितना एंजॉय करते हैं ?
सोनम कपूर- मेरे हस्बैंड क्रिकेट नहीं देखते, उनको बास्केटबॉल देखना पसंद है, पर उनको स्पोर्ट्स बहुत पसंद है । जैसे कि जब वर्ल्ड कप होता है तो वो क्रिकेट देखते है । दरअसल हो क्या गया है कि हमारी जनरेशन में क्रिकेट को लेकर अलग ही अटैचमेंट है और मुझे लगते है कि हमारी यंग जनरेशन को टी-20 मैचेस ज्यादा पसंद है ना की टेस्ट सीरीज या वन-डे मैचेस देखना । खैर मेरी बात करें तो मुझे क्रिकेट देखना पसंद है, और मुझे अपनी इंडिया टीम के ही मैचेस देखना पसंद है । (हंसते हुए) वैसे मैं हमेशा क्रिकेट को फॉलो नहीं करती कभी कभी देखती हूं ।

रिपोर्टर- सोनम आप साल में एक या दो फिल्में ही सेलेक्ट करते है, तो आपको ‘द जोया फैक्टर’ फिल्म में ऐसी कौन सी बात अट्रैक्ट की कि आपको लगा ये फिल्म करनी ही करनी है ?
सोनम कपूर- हां, मैं साल में एक या दो फिल्में ही करती हूं । और ‘द जोया फैक्टर’ को सेलेक्ट करने का कारण था फिल्म की स्क्रिप्ट…साथ ही फिल्म से जुड़े हुए कलाकार क्योंकी अगर फिल्म में ऐसे लोग हो जो आपको पसंद नहीं है तो आप काम करने में कम्फर्टेबल नहीं होते है । और ‘द जोया फैक्टर’ की खास बात ये है कि फिल्म में मेरा कैरेक्टर बहुत ही इज़ी ब्रिज़ी टाइप है । क्योंकी फिल्म खूबसूरत के बाद से ही नीरजा, पैडमैन, एक लड़की के देखा तो, ज्यातर फिल्में बहुत ही डिफिकल्ट और हार्ड रेटिंग सब्जेक्ट वाली फिल्में थी तो मुझे ऐसी ही कुछ इज़ी ब्रिज़ी टाइप फिल्म करनी थी और ‘द जोया फैक्टर’ ऐसी ही फिल्म है ।

रिपोर्टर- सोनम आप साल में एक या दो फिल्में ही करते है पर बेहतरीन फिल्में ही करते है । लोग आपकी फिल्मों की चर्चा करते है भले ही किसी फिल्म में आपका रोल छोटा हो पर दमदार होता है, आपको ऑफर्स तो बहुत आते होंगे तो कितना मुश्किल होता है डारेक्टर्स को ‘ना’ कहना ?
सोनम कपूर- ‘ना’ कहना बहुत मुश्किल होता है और ज्यादातर एक्टर को लगता है कि वो बहुत काम करें, पर मुझे लगता है कि अगर आपको एक अच्छा आर्टिस्ट बनना है तो आपको टाईम लेना चाहिए अपने रोल को करने के लिए । क्योकिं जब तक आप टाईम नहीं ले रहे हो तो आप अपने रोल को फील नहीं कर रहे है । और एक तरह की एक्टिंग कर कर के लोग भी तो आपसे बोर हो जाएंगे । तो हर चीज में नयापन जरूरी है और उसके लिए समय चाहिए ।

रिपोर्टर- ‘पैडमैन’ फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला उसके लिए आपको बधाई, फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला कैसा लगा ?
सोनम कपूर- बहुत अच्छा लगा क्योंकि जब आप इतनी मेहनत करो और कोई ऐसी फिल्म बनाओं जिसमें बहुत स्ट्रांग मैसेज हो…लोगों को ऐसी कहानी पसंद आए .. समझ आए की पीरियड्स आना कोई बीमारी नहीं है । ऐसी फिल्म को बढ़ावा मिलता है तो बहुत खुशी होती है ।

रिपोर्टर- ‘द जोया फैक्टर’ फिल्म क्रिकेट पर आधारित है और इंडिया में फिमेल क्रिकेटर्स की हालत बहुत ही खराब है, महिला क्रिकेटर्स को कोई पहचानता तक नहीं हैं, तो जैसा की आपकी फिल्म भी क्रिकेट पर आधारित है हालांकि आपकी फिल्म का सब्जेक्ट अलग है पर आपको ऐसा नहीं लगता की भारत में महिला क्रिकेटर्स को आगे लाने के लिए कुछ करना चाहिए ?
सोनम कपूर- मेरे ख्याल से लड़कियों को आगे लाने के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है, क्योंकी आज भी हमारा देश कन्या भ्रूण हत्याएं करने में टॉप पर है । और बात क्रिकेट कि नहीं है आप कोई भी स्पोर्ट्स की बात करें तो लड़कियां किसी से कम नहीं है बल्कि ज्यादा ही है …आप किसी भी स्पोर्ट्स की बात करें…हर स्पोर्ट्स में हमारे देश की लड़कियां झंडा लहरा रहीं हैं, मेडल जीत रहीं हैं देश का नाम रोशन कर रहीं हैं । मुझे लगता है हमारे देश में लड़कियों को सम्मान देने की जरूरत है क्योंकि बहुत सालों से हमें सेकंड क्लास टाइप ट्रीट किया गया है । और इंडिया फिमेल क्रिकेटर्स की बात करें तो हमारी टीम वर्ल्ड की बेस्ट टीमों में से एक है और टीम ने हाल ही में बहुत मैचेस जीते भी है । तो महिला क्रिकेटर्स को आगे लाने की बहुत जरूरत है ।

रिपोर्टर- आपके हिसाब से लाइफ में ग्रो करने के लिए सबसे ज्यादा क्या इंपोर्टेंट क्या है ?
सोनम कपूर- मेरे ख्याल से सबसे ज्यादा जरूरी मेहनत करना है । और मेहनत तभी रंग लाती है जब आपकी किस्मत साथ हो । क्योंकि किस्मत का भी एक फैक्टर है लाइफ में । मुझे लगता है लाइफ में हार्ड वर्क और डेस्टिनी दोनों का कॉम्बिनेशन बहुत जरूरी है ।

रिपोर्टर- फिल्म के पोस्टर में द जोया फैक्टर के नाम के साथ नीबू मिर्ची की इमेज भी दिखाई दे रही है, आप रियल लाइफ में कितना यकीन करती हैं इन बातों पर ?
सोनम कपूर- (हसंते हुए) मैं इंडियन हूं तो मैं तो बहुत यकीन करती हूं । मेरे ख्याल से हम इंडियन लोगों की फितरक में ही है इऩ चीजों पर इतना यकीन करता, जैसे नीबू मिर्ची, काली बिल्ली, भगवान का नाम लेना, एक दिन काले कपड़े नहीं पहनना ज्यादातर भारतीय लोग इन बातों पर यकीन करते है । ये है हमारे नेचर में करचल में, पर हां कई बार लोग इन बातों को इतना सीरियसली लेते है कि इससे नुकसान भी हो जाता है ।

रिपोर्टर- फॉक्स स्टार स्टूडियो के लिए आप लकी चार्म है या आपके लिए फॉक्स ? और आप इस लकी चार्म बातों पर कितना यकीन करती है ? क्या सच में होता है ये लकी चार्म ?
सोनम कपूर- (हंसते हुए) ये लोग कम्पनी चेंज करते रहते है और जहां जहां जाते है मुझे ले जाते है । मैंने फॉक्स के साथ अभी तक पांच फिल्में की है । मैंने दिल्ली 6 में भी इसी सेम टीम के साथ काम किया था । और हां मैं लक पर बहुत यकीन करती हूं । मैं ही नहीं इंडिया में ज्यादातर लोग लक पर यकीन करते है । और मुझे लगता है क्रिकेटर्स भी लक को मानने है जैसे कभी कोई लाल रूमाल रखता है, कोई लेफ्ट पैर से पहले खेलता है, कोई अपनी जर्सी के नम्बर को लकी मानता है, कोई जर्सी के साथ सेम बनियान पहनता है । ऐसे ही मैं भी जब भी कहीं ट्रैवल के लिए निकलती हूं तो भगवान का नाम लेकर निकलती हूं । अब ये लक है या आदत पतानहीं क्या है पर ऐसा है । फिल्म में जोया का लकी कलर रेड है और जब जोया क्रिकेट टीम की लकी चार्म बन जाती है तो रेड कलर ही पहननी है ।

रिपोर्टर- सोनम आपने कहा कि शाहरुख खान आपके लिए लकी है, क्या ये सच है ?
सोनम कपूर- (हसंते हुए) मैंने पहली बार शाहरुख खान के साथ काम किया अगर ये फिल्म चल जाएंगी तो वो मेरे लिए लकी है ।

रिपोर्टर- साउथ के एक्टर दुलकर सलमान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?
सोनम कपूर- साउथ के एक्टर हो या यहां के कोई फर्क नहीं पड़ता । कलाकार कलाकार होता है और दुलकर सलमान बहुत ही अच्छे एक्टर है, उनकी ज़ुबान बहुत साफ है हिन्दी बहुत अच्छी बोलते है और इससे पहले भी मैंने साउथ के एक्टर धनुष के साथ रांझणा की थी । दुलकर को तो चार से ज्यादा भाषाएं आती है । दुलकर को हिन्दी, इंगलिश, तमिल, तेलगू, मलयालम आती है । वो बहुत ही प्रतिभाशाली एक्टर है उन्होने बहुत सी तमिल, तेलगू, मलयालम फिल्में की है । हिन्दी में भी वो कारंवा कर चुके है उसके बाद उन्हे वीरे दी वेडिंग भी ऑफर हुई थी । अच्छे कलाकार के साथ काम करने में हमेशा पॉजिटिविटी मिलती है ।

रिपोर्टर- कोई ऐसी फिल्म जो आपके दिल के बहुत करीब हो पर दर्शकों ने उसे नकार दिया हो ?
सोनम कपूर- ‘एक लड़की को देखा तो…’ फिल्म से मुझे बहुत उम्मीद थी और ये फिल्म मेरे दिल के भी बहुत करीब थी । पर इतना डिफिकल्ट सब्जेक्ट था कि लोग देखने से कतरा रहे थे शायद हमारी सोच ही ऐसी है …लोगों ने एक ही ढर्रे पर अपना माइंड सेट कर रखा है… वैसे फिल्म के रिव्यू बहुत ग्रेट थे, फिल्म को मीडिया ने बहुत स्पोर्ट किया । नेटफ्लिक्स पर फिल्म के बहुत पसंद किया गया…फिल्म को देखने के बाद बहुत लोगों ने मुझे मैसेज किए और बहुत अच्छा बोला यहां तक की अभी तक मुझे इस फिल्म को लेकर मैसेज आते है। पूरी दुनिया में अलग अलग तरह के लोग रहते है और सबकी अलग अलग सोच होती है…तो उनमें से काफी लोगों को फिल्म पसंद आई । और ये फिल्म मेरे लिए बहुत ही स्पेशल है ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.