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Today’s Classic : रोजमर्रा जिंदगी में रस खोजती बेहतरीन फिल्म PIKU

PIKU केवल एक  बुजुर्ग को  हुए कब्ज की कहानी भर नहीं। इससे उपजा हास्य- आनंद इस फिल्म का एक अहम पहलू रहा जो साथ आपके घर तक आ जाता है।

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नेटफ्लिक्स के मोगली में गहरी परती हैं। किरदार में पढ़ने के लिए बहुत कुछ है। परतें दिलचस्प हैं। भारत में फिल्म हिंदी में भी रिलीज़ की गई है। बॉलीवुड के जाने पहचाने नामों ने वॉइस ओवर देकर इसे रोचक बना दिया है।

मुहब्बत के पड़ावों का डॉक्यूमेंटेशन करती शॉर्ट फिल्म Humsafar

रिश्तों के ताने-बाने पर खड़ी ‘हमसफ़र’ कह गई कि दूरियों के बाद भी अगर खुदा फ़िर कभी दो बिछडो को मिलने का अवसर दे तो सभी को उसे मौका देना चाहिए।

खेल आधारित फिल्मों में BADLAPUR BOYS

बॉलीवुड की खेलों पर आधारित फिल्मों में badlapur boys का अपना स्थान होना चाहिए. जो जीता वही सिकंदर एवम हिप हिप हुर्रे फिर अव्वल नंबर से खेलों पर बन रही फिल्मों में लगान व चक दे इंडिया एवं भाग मिलखा भाग तथा मेरिकाम के बाद सिलसिले में बदलापुर

जीवन की सच्चाइयों पर केंद्रित बेहतरीन फिल्म ‘मसान’

नीरज घेवान की 'मसान' जीवन - मृत्यु के पाटों की मर्मस्पर्शी कथा कहती फ़िल्म थी । मुक्ति मार्ग के इस आध्यात्मिक शहर में ज़िंदा लोगों की एक भी कहानी है।

गरीबों के यथार्थ का सुध लेनी वाली फिल्म ‘फुटपाथ’

दिलीप कुमार की यादगार फ़िल्मों में 'फुटपाथ' व्यापार, मुनाफा एवम भ्रष्टाचार से बढ़कर गम्भीर कालाबाजारी की अमानवीय,अत्याचारी,मर्मविहीन समस्या पर सामयिक विमर्श थी ।पचास दशक में बनी यह फ़िल्म अपने विषय एवम प्रभाव में समकालीन समय एवम