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मानवीय मूल्यों के प्रति प्रेम और सम्मान की अनूठी कहानी : नक्काश

मुस्लिम होने के नाते मैं यह बताना चाहता हूँकि मैंने कभी भी धार्मिक भेदभाव महसूस नहीं किया है : ज़ैग़म इमाम 

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दोज़ख़ सर्च इन हेवन और आलिफ सरीख़ी फ़िल्मो से वैश्विक पहचान बनानेवाले निदेशक निर्देशक ज़ैग़म इमाम की फ़िल्म नक़्क़ाश का ट्रेलर मुंबई में लांच किया गया।  इस अवसर पर फिल्म के मुख्य अभिनेता इनामुलहक़, शारिब हाशमी, पवन तिवारी , गोविन्द गोयल, हरमिंदर सिंह , और निर्देशक ज़ैग़म इमाम , संगीतकार अमन पंत, एडिटर प्रकाश झा , पियूष सिंह ( गोल्डन रेशिओं फ़िल्म्स ) उपस्थित रहे. निर्देशक तिग्मांशु धुलिया इस अवसर पर अतिथि विशेष उपस्थित थे।
ए बी इन्फोसॉफ़्ट क्रिऐशन , जलसा पिक्चर्स और पदमजा प्रॉडक्शन के सयुंक्त बैनर तले  निर्मित फिल्म नक़्क़ाश का निर्देशन अवॉर्ड विनिंग निर्देशक ज़ैग़म इमाम ने किया है। फिल्म के निर्माता  पवन तिवारी, गोविन्द गोयल  और ज़ैग़म इमाम है। फिल्म में प्रमुख़ भूमिकाओं में इनामुलहक़, शारिब हाशमी, कुमुद मिश्रा,  सिद्दू , राजेश शर्मा , गुल्की जोशी , पवन तिवारी, हरमिंदर सिंह अलग, सिद्धार्थ भारद्वाज , शोभना भारद्वाज,  सिमाला प्रसाद , रवि भूषण भारतीय और अनिल रस्तोगी नजर आयेंगे
फिल्म का संगीत अमन पंत ने तैयार किया है  गाने  अलोक श्रीवास्तव ने लिखे है।  फिल्म की कहानी को बनारस के ख़ूबसूरत लोकेशंस पर  सिनेमैटोग्राफर असित बिस्वास ने फ़िल्माया है  फ़िल्म का  संपादन  प्रकाश झा ने किया है।  गोल्डन रटीओ फ़िल्म्स द्वारा रिलीज़ फ़िल्म नक़्क़ाश का वितरण मटेस एंटरटेनमेंट द्वारा किया जाएगा। फिल्म ३१ मई २०१९ को पुरे देश में प्रदर्शित होगी।
फिल्म नक्काश मानवता  के प्रति प्रेम की विशिष्टता और उसकी उदारता  को परिभाषित करती  हैं। फ़िल्म   सबसे बड़े धर्म प्यार  की बार करती है और  धर्म की श्रेष्ठता की आपसी दौड़ के सिद्धांत को नहीं मानती है। धर्म मनुष्यों द्वारा शुरू किया गया था। नक़्क़ाश है अहम् सन्देश है घृणा छोड़ो और शांति और प्रेम के मार्ग पर चलो। ईश्वर और अल्लाह एक ही हैं; आपका काम आपका भगवान है इसलिए अपने पूरे जुनून के साथ अपने कार्य को पूरा करें।
इस अवसर पर निर्देशक ज़ैग़म इमाम ने कहाकि “आज जब फ़िल्मो में आज़ादी से बात करने के सवाल पर विवाद देखा जाता है ऐसे में फ़िल्म नक़्क़ाश मानवीय मुल्यों और देश के भाईचारे की वास्तविक तस्वीर दिखाती है। मैंने अपनी फ़िल्मो में हिन्दू मुस्लिम जैसे विषय अपनी बात को एकदम वास्तविक तौर पर दिखाया है एक मुस्लिम धर्म से जुड़े होने के नाते मैं इस मंच से यह कहना चाहता हूँ की यह देश मेरा उतना ही अपना है जितना किसी भी अन्य धर्म के व्यक्ति के लिए है और मैंने कभी भी धार्मिक भेदभाव महसूस नहीं किया है
इस अवसर पर पियूष सिंह , गोल्डेन रेशिओं फ़िल्म्स  ने कहाकि ” हम नक़्क़ाश फिल्म से  बहुत प्रभावित है इस तरह के साहसिक और वर्ल्ड़  सिनेमा का समर्थन करते है
नक्काश एक कलाकार की कहानी है जिसका नाम अल्ला रक्खा सिद्दीकी है। वह एक मुस्लिम व्यक्ति है जो मंदिर मेंनक़्क़ाशी  और भगवान की मूर्तियों पर काम करता है। उसके समुदाय के सभी लोग उपेक्षित नजरों से देखतें हैं क्योंकि वह एक मंदिर में काम करता है अल्ला रक्खा मानता है कि भगवान और अल्लाह भाई हैं। । उनका एक छोटा बच्चा है जिसका नाम मोहम्मद है। मोहम्मद पढ़ाई करना चाहता है लेकिन कोई भी मदरसा उसे प्रवेश नहीं देता है क्योंकि उसके पिता हिंदुओं और उनके भगवान की सेवा करते हैं। अल्ला रक्खा का एक दोस्त है जिसका नाम स्मद है जो  समद हमेशा अल्ला रक्खा का साथ देता है। स्मद एक ऑटो रिक्शा चालक है और जीवन में उसका मूल उद्देश्य अपने पिता को हज पर भेजना है। मंदिर के ट्रस्टी भगवानदास त्रिपाठी (वेदांती ) ने अल्ला रक्खा का  समर्थन करते है  क्योंकि वह उनकी कला और रचनात्मकता का सम्मान करते  है जो उन्हें भगवान द्वारा दिया गया है। वेदांती  सभी धर्मों का सम्मान करते  है और जो कहते है वही करते है। इस बीच  अल्ला रक्खा  की शादी एक मुस्लिम लड़की सेबी से होती है, जो अल्ला और उसके परिवार को बहुत प्यार करती है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब अल्ला रक्खा के घर से नक्काशी के लिए रखे  आभूषण चुरा लिए हैं। अल्ला रख्खा अपनी कला के लिए  एक अख़बार के साक्षात्कार से लोकप्रियता हासिल करता है। मुन्ना भाई, जो वेदांतीजी के बेटे हैं, ने अल्ला रक्खा अखबार की समीक्षा के कारण अपना चुनाव टिकट खो दिया और अब वह बदला लेने के लिए गुस्से में जल रहे हैं।
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