NCB के ड्रग्स जांच मामले ने नया मोड़ ले लिया है.करण जौहर की धर्मेटिक एंटरटेनमेंट के पूर्व एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर क्षितिज प्रसाद ने NCB पर बड़ा आरोप लगा दिया. क्षितिज प्रसाद ने अदालत में आरोप लगाया कि एनसीबी ने उन्हें करण और कंपनी के बाकी एक्जीक्यूटिव्स को ड्रग्स केस में झूठा फंसाने के लिए मजबूर कर रही है, उन पर बार बार इस बात का दबाव बनाया जा रहा है कि अगर वो करण का नाम ले लेंगे तो उन्हें इस मामले से मुक्त कर दिया जाएगा. बता दें कि शुक्रवार को एनसीबी ने ड्रग्स मामले में क्षितिज को समन भेजा था और शनिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि, एजेंसी के डिप्टी डीजी (साउथ वेस्ट), मुथा अशोक जैन ने इस आरोप का खंडन किया और कहा कि जांच ‘पेशेवर तरीके’ से की जा रही है. बता दें कि क्षितिज प्रसाद नवंबर 2019 में धर्मेटिक एंटरटेनमेंट से कुछ समय के लिए जुड़े थे.एनसीबी का दावा है कि क्षितिज के घर से उन्हें स्मोक्ड गांजा और जॉइंट बरामद हुए. एक और अभियुक्त ने आरोप लगाया था कि गांजे की खरीद के लिए क्षितिज ने मई से जुलाई के बीच करीब एक दर्जन मौकों पर 3,500 की पेमेंट की.

हालांकि, क्षितिज के वकील सतीश मानशिंदे का कहना है कि उनके क्लाइंट को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था. क्षितिज ने आरोप लगाया कि उन्हें एनसीबी जांचकर्ताओं द्वारा ‘परेशान और ब्लैकमेल’ किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि क्षितिज ने अदालत को बताया था कि उनका बयान एनसीबी की मुंबई यूनिट के इंचार्ज समीर वानखेड़े द्वारा दर्ज किया गया था. बयान उनके मुताबिक़ दर्ज नहीं हुआ. पूछताछ के दौरान क्षितिज पर करण के खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया जा रहा था. उन्होंने कहा, ‘समीर ने कई अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में कथित तौर पर क्षितिज से कहा कि चूंकि वह धर्मा प्रोडक्शंस के साथ जुड़े थे, वो उन्हें जाने देंगे अगर वह करण और कुछ और लोगों का नाम ड्रग्स मामले में लेंगे. मानशिंदे ने कहा, ‘दबाव के बावजूद क्षितिज ने ऐसा करने से इंकार कर दिया क्यूंकि वो इनमें से किसी को भी नहीं जानते. वहीं समीर वानखेड़े ने आरोपों से इंकार किया. उनका कहना है, ‘अभियुक्त की तरफ से इस तरह के आरोप लगाना सही नहीं है.
SOURCE – INDIAN EXPRESS
