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INTERVIEW : कभी-कभी फिल्म बेचने के लिए आदर्श-उसूल भी बेचने पड़ते है- सुजॉय घोष

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अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू की सस्पेंस थ्रिलर ‘Badla’ आज रिलीज हो गई है….फिल्म को तीन, बैंग-बैंग, कहानी और कहानी-2 जैसी बेहद शानदार सस्पेंस थ्रिलर बनाने वाले सुजॉय घोष ने डायरेक्ट किया है…ये फिल्म एक स्पेनिश क्राइम ड्रामा ‘The Invisible Guest’ का ऑफिशियल अडेप्टेशन है…फिल्म को अपनी पटकथा और शानदार ट्वीस्ट के लिए काफी पसंद किया जा रहा है….वहीं फिल्म को लेकर सुजॉय ने पत्रकारों से की खास बातचीत…सुजॉय से बातचीत का ब्यौरा पेश कर रहीं हैं हमारी सीनियर राइटर प्राची उपाध्याय…

REPORTER- सुजॉय थ्रिलर की जब बात आती है तो सबसे पहले बात आपकी फिल्म कहानी की आती है….तो कितना बड़ा बैगेज लेकर घुमना पड़ता है जब आप इस तरह के जॉनर टच करते हैं ?…
SUJOY- देखिए बैगेज नहीं है….कहानी बेहद खास है, उसी के कारण मैं हूं…तो वो मेरे लिए कभी बैगेज नहीं हैं…हां कोशिश ये हैं कि i don’t want Kahani to impose on Badla or on any other film…क्योंकि बदला अपनेआप में एक फिल्म है, उसकी एक अलग कहानी…तो मैं बस यहीं चाहता हूं कि मेरी एक फिल्म दूसरी फिल्म पर इम्पोज ना हो, क्योंकि ये सही नहीं होगा…और ना ही ये फिल्म के कलाकारों के लिए सही होगा…मैं अपनी हर मूवी को एक दूसरे से अलग रखना चाहता हूं…

REPORTER- आप बैक टू बैक सस्पेंस थ्रिलर बना रहे हैं….तो आपको इस जॉनर में ऐसा क्या आकर्षित करता है ?
SUJOY- Actually थ्रिलर से ज्यादा मुझे जो एट्रेक्ट करता है वो है स्टोरी टैलिंग का स्टाइल…क्योंकि अगर आप मुझे अपने दो घंटे दे रहे हो, अपनी हार्ड अर्न मनी खर्च कर रहे है…तो ये मेरी responsibility बनती है कि ऐसी कहानी सुनाऊ जहां आपका अटेंशन रहे…और मुझे लगता है कि अगर कोई भी स्टोरी थोड़ी एक्साइटमेंट के साथ सुनाई जाती है तो वो लोग ज्यादा गौर से सुनते हैं…हालांकि मेरा ये थॉट गलत हो सकता है… ऐसा जरूरी नहीं है कि मेरी ये फीलॉसफी सही ही हो, गलत भी हो सकती है….लेकिन मैं ये पैटर्न फोलो करने की कोशिश करता हूं…

REPORTER- तापसी ने बताया कि उन्होने पहले आपको ऑफर दिया था फिल्म के डायरेक्शन का लेकिन आपने मना कर दिया, फिर जब प्रोड्यूसर ने ऑफर दिया तो आपने एक्सेप्ट कर लिया…तो वो आपसे थोड़ी खफा भी हैं….
SUJOY- (हंसते हुए) देखिए बतौर फिल्म डायरेक्टर मेरी सबसे पहली और सबसे ज्यादा लॉयल्टी फिल्म के साथ है, 100% डेडिकेशन के साथ…और उसके लिए मुझे फिल्म में बिलीव होना चाहिए, फिल्म को समझना चाहिए और उसके बाद ये देखना चाहिए कि फिल्म में मुझे क्या करना है….निर्देशक के तौर पर मेरा काम कहानी कहना है…लेकिन आप मुझे कहानी दे रहे हो जो कोई पहले ही कही जा चुकी है और वो भी बेहद शानदार तरीके से, तो उसको मैं कैसे और बेहतर करूं…तो ये ही बात मैंने तापसी को भी समझाई…एक्चुली वो फिल्म को जिस तरीके से देख रही थी मैं उसको वैसे नहीं देख रहा था तो उसको समझने में टाईम लग गया…और फिर जब मुझे यकीन हुआ की मैं इस फिल्म के साथ कुछ अच्छा कर सकता हूं, उसकी ऑरिजीनल स्टोरी को वैसे ही रखते हुए…तब मैंने जाकर हां बोला…

REPORTER- तो ऑरीजिनल फिल्म The Invisible Guest से इसमें कितने चैंजेस किए है ?…
SUJOY- वो आपको देखने पर पता चलेगा….मैंने सिर्फ अपने तरफ से थोड़ा-थोड़ा से कहानी में जोड़ा है…लेकिन कहानी की प्रकृति वैसी ही रखी गई है…

REPORTER- अमृता सिंह भी है फिल्म में, ट्रेलर में तो वो काफी सरप्राइज पैकेज के तौर पर नजर आई…तो उनका सेलेक्शन कैसे हुआ ?…
SUJOY- ये पहली बार है जब मैंने अमृताजी के साथ काम किया है…and i have to say that i fell in love from betaab and i am still in love with her….बहुत शानदार एक्सपीरियंस था…वो सिने जगत की सबसे बेहतरीन अदाकाराओं में से एक हैं…

REPORTER- बच्चन साहब को आप हमेशा लेते है अपनी फिल्मों में….एक कॉम्पिटीशन है आप में और बाकी फिल्मकारों में बच्चन साहब को बेस्ट रोल कौन देगा ?…
SUJOY- कॉम्पिटीशन है या नहीं ये मुझे नहीं पता, लेकिन अगर सर को लेना है तो उसके लिए रोल तो लिखना ही पड़ेगा…

REPORTER- क्या बच्चन साहब आपको एक डायरेक्टर के तौर पर चैलेंज करते हैं ?…
SUJOY- जी हां वो एक बहुत बड़ा चैलेंज है….क्योंकि उनको भी एक चैलेंजिग रोल चाहिए….उनको वो ही एक ही सेम चीज बार-बार करने को बोलो तो वो भी बोर हो जाएंगे ना, उनके पास बहुत कुछ है करने के लिए तो वो घिसा-पिटा रोल क्यों करेंगे….So, when you push him then he also enjoys it…देखिए सर के साथ काम करना बड़ी जिम्मेदारी नहीं है बल्कि उनके साथ काम करने पर फिल्म एक बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है….क्योंकि अगर वो आपके साथ काम करते है तो पूरे विश्वास के साथ बिना सवाल के काम करते हैं….वो एक कलाकार से बहुत उंची शख्सियत है…
REPORTER- सुजॉय क्या आप कभी खुद अपने काम को एक क्रिटिक् के तौर पर देखते हैं?…
SUJOY- नहीं….क्योंकि कुछ समझ नहीं आता…तो मैं छोड़ देता हूं…

REPORTER- आपने कहा कि आप कहानी पर बहुत ध्यान देते है….लेकिन अगर इंडस्ट्री को देखे तो कितना मुश्किल है अपने क्राफ्ट से ट्रू रहना ?…
SUJOY- वो आपके ऊपर निर्भर करता है…और उसके लिए आप किसी और को ब्लेम नहीं कर सकते…क्योंकि ये एक कमर्शियल बिजनेस है और फिल्म बेचनी है..तो कभी फिल्म बेचने के लिए अपने आदर्श और उसूल को भी बेचना पड़ता है…तो ये बिक्री और खरीद आपके ऊपर निर्भर करता है कि आपको कितना बेचना पड़ता है….

REPORTER- क्या आप इसका शिकार हुए हैं ?…
SUJOY- इंशाल्ला…अभी तक तो नहीं…कभी-कभार लगता है कि ये ऐसे बनाओ तो ज्यादा बिकेगा, क्योंकि मेरे पास पैसा नहीं तो जब मैं कहानी लेकर जाता हूं और कोई बोलता है कि नहीं नहीं ये चैंज कर तो लालच आता है कि अगर बदलूंगा तो हो जाएगा… लेकिन किया कभी नहीं…

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