Happy Birthday कृति खरबंदा : वो लड़की जो हर रोल में ढल जाती है।
पंजाबी, गुजराती और दक्षिण भारतीय फिल्मों में फिट हैं कृति
हर फ़िल्म के साथ कृति खरबंदा की लोकप्रियता और दर्शकों के बीच उनकी पैठ बढ़ती जा रही है। चलिए आपको कृति के और करीब ले चलते हैं, उनकी जिन्दगी के कुछ अनछुए पहलु जानते हैं।
कृति खरबंदा वैसे तो पंजाबी हैं लेकिन दक्षिण भारतीय भाषा की फिल्मों मे जमकर काम किया, तेलुगु में खुद अपने डॉयलॉग्स बोलती हैं और तेलुगु वो ऐसे बोलती हैं जैसे हिन्दी या पंजाबी। उनके चेहरा मोहरा सभी एक आम भारतीय लड़की जैसे हैं जो उन्हें दर्शकों के काफी करीब लाते हैं। यही वजह है कि वो किसी की प्रेमिका बनें, पत्नी बनें, बेटी बनें या फिर किसी की बहन उन्हें दर्शक हर किरदार में स्वीकार करता है। उनके फिल्मों पर गौर करें तो कभी वो गुजराती लड़की बनती हैं ( यमला पगला दीवाना फिर से ) , कभी वो परंपरागत दक्षिण भारतीय परिधानों में भी कहीं से खटकती नहीं। कृति का मानना है कि उनका ये परंपरागत भारतीय चेहरा काफी लकी है उनके लिए जो आधा काम आसान कर देता है। हालांकि भाषाओं पर मेहनत कैसे की जाये इसका श्रेय वो तेलुगु इंडस्ट्री को देती हैं। वो कहती हैं कि वहां का प्रोफेशनल रवैया इतना अच्छा है कि वो अब ठीक वैसे ही बेधड़क तेलुगु बोलती हैं जैसे कि वो पंजाबी या हिन्दी बोलतीं हैं, कन्नड़ वो ऐसे बोलती हैं जैसे वो कन्नड़िगा वाकई में हैं। अब चलिए इसके पीछे की कहानी आपको बताते हैं। कृति की परवरिश बैंगलोर में हुई जिसकी वजह से वो दक्षिण भारतीय भाषाओं के संपर्क में आयीं। जिस इलाके में वो रहतीं थीं वहां कन्नड़िगा परिवार के अलावा तेलुगु और तमिल परिवार भी बराबर मात्रा में मौजूद थे। घर पर काम करने वाले लोग भी लोकल थे तो कृति को इन भाषाओं में किस तरह बात करनी है ये बचपन से लेकर बड़े होने तक पता चल चुका था लेकिन उन्हे क्या पता था कि एक दिन ये बात उनके लिए प्रोफेशन में काम आयेगी। हालांकि इन सारी बातों के बावजूद कृति का मानना है कि वो एक्टर बाय चांस हैं। फिल्मसिटी वर्ल्ड की पूरी टीम की तरफ से कृति को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।
