भारतीय शार्ट फिल्म ‘Rape me’ की स्क्रीनिंग हुई बर्लिन जर्मनी मे।
बीते कुछ सालों में शार्ट फिल्मों का ऐसा चलन शुरू हुआ है कि ये शार्ट फ़िल्में आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुकीं है। इन फिल्मों की अच्छी बात यह है की एक तो कम लागत में बनती है और दूसरा दर्शकों को, जीवन में चल रही वास्तविकता से भी रूबरू…