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सदाशिव अमरापुरकर की अपने गांव को लेकर क्या थी ख्वाहिश जो रह गई अधूरी ?

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अहमदनगर जिले के शेवगांव तालुका का अमरापुर गांव अभिनेता सदाशिव अमरापुरकर का पैतृक गांव है। हालांकि इस गांव को अमरापुरकर ने महज पांच साल की उम्र में ही छोड़ दिया था इसके बावजूद उनके बचपन की कई यादें आज भी इस गांव में मौजूद है। सदाशिव ने अपनी स्कूली शिक्षा अहमदनगर के नगर निगम के स्कूल में पूरी की और आगे की पढाई के लिए नगर काॅलेज में दाखिला लिया। रिटायरमेंट के बाद सदाशिव इसी गांव में एक घर बना कर अपने अंतिम दिन यहीं गुजारना चाहते थे, लेकिन तबियत खराब होने की वजह से उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका।

सदाशिव अपने गांव में एक फिल्म म्यूजियम खोलना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने पैसे भी इकट्ठा किए थे। इस म्यूजियम के लिए पैसा जुटाने के लिए अमरापुरकर ने कई शो भी किए। लेकिन उनका यह सपना भी अधूरा ही रह गया।
फिल्मों से खाली होने के बाद सदाशिव अक्सर अपने गृह जनपद अहमदनगर जाया करते थे। गांववालों का कहना है कि अमरापुरकर बेहद मिलनसार व्यक्ति थे। बड़े-छोटे सभी को सम्मान देते थे। इसलिए लोगों को वह कभी भी पराए नहीं लगते।
काॅलेज में पढ़ने के दौरान उनके टीचर मधुकर तोरडमल ने उनके अभिनय को एक मंच पर देखा और उन्हें फिल्मों में एक्टिंग के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद सदाशिव मराठी नाट्य मंडली से जुड़े और आगे चलकर मराठी नाट्य आंदोलन का नेतृत्व भी किया।
एक्टिंग के अलावा सदाशिव को क्रिकेट का भी शौक था। कॉलेज में पढाई के दौरान वह अच्छा क्रिकेट खेल लेते थे। लेकिन करियर के लिए उन्हें क्रिकेट या अभिनय इन दोनों में एक चुनना था, सदाशिव ने अपने मन की सुनी और घरवालों के विरोध के बावजूद अभिनय में करियर बनाने मुंबई पहुंचे।
सदाशिव अमरापुरकर एक सफल अभिनेता के साथी ही सच्चे गांधीवादी और एक समाजसेवी भी थे। उन्होंने अण्णा हजारे के जनलोकपाल आंदोलन का समर्थन किया। अमरापुरकर ने गांधी जी के विचारों का अनुसरण करते हुए कई आंदोलनों में भाग लिया। होली के दौरान पानी के इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर चलाए गए आंदोलन का नेतृत्व करने वाले अमरापुरकर को स्थानीय लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा था। अमरापुर अक्सर कहा करते थे कि फिल्मों की दुनिया काल्पनिक होती हैं।
‘अर्धसत्य’ तथा ‘सड़क’ जैसी फिल्मों में दमदार भूमिका निभाने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता सदाशिव अमरापुरकर  को फिल्मसिटी वर्ल्ड ने आज याद किया।
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