कर चले हम फ़िदा : हकीकत (1964)
( फ़िल्मसिटी वर्ल्ड के लिए ये विशेष लेख डॉ. श्रीश पाठक ने लिखा है )
दो-दो भयानक महायुद्धों वाली शताब्दी अपने छठे दशक में पहुँच रही थी। शीत युद्ध की लू चल रही थी जरूर, पर लगता था कि विश्व अब वैश्विक विनाश की ओर फिर नहीं बढ़ेगा। दुनिया के…