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Joker मूवी रिव्यू : एक स्ट्रगलिंग एक्टर के विलेन बन जाने की कहानी

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Joker रिव्यू करने के लिए बहुत मुश्किल फिल्म है..क्योंकि इसमें कई सतहें हैं जहां आपको बतौर दर्शक गहरे उतरना है फिर वहां रुककर पूरे धैर्य से सबकुछ महसूस करना है और ये भी हो सकता है कि इतने प्रयास के बाद भी आप उस इमोशन को न समझ सकें जिससे जोकर गुजर रहा है।

ये कहानी है बैटमैन के सबसे खूंखार दुश्मन जोकर की..जो शुरु से जोकर नहीं था..उसके घर में उसकी मां थी जिसने उसे बताया था शहर के मेयर उसके पिता हैं..और एक दिन वो उनकी गरीबी जरूर दूर करेंगे..गौथम शहर हिंसा की आग में झुलस रहा है और हमारा जोकर अपनी जिंदगी में तवज्जो पाने के लिए हर दिन संघर्ष कर रहा है । बेवजह हंसने की उसे बीमारी है और ये बीमारी उसे क्लाउन बना देती है। जोकर दरअसल इसलिए खास है क्योंकि ये जोकर के दिमाग में आपको दाखिल कराती है..इसमें वो कोई मसाला नहीं  है जिसके सहारा लेकर ये किसी तरह का एडवांटेज हासिल करती है। सोचिए एक व्यक्ति जिसे आपने अब तक बैटमैन सीरीज की फिल्मों में खूंखार दरिंदे के सिवा कुछ नहीं समझा वो अगर आपकी हमदर्दी हासिल कर ले तो आप समझ सकते हैं उस फिल्म की ताकत । ये फिल्म बताती है कि क्यों जोकर बैटमैन का सबसे बड़ा दुश्मन है , क्यों वो इतना खूंखार है और इन सबसे परे ये एड्रेस करती है उस समस्या के बारे में जो मानव जीवन में उसके आरंभ से है।हम सभी एक वैलीडेशन एक मंजूरी चाहते हैं उन लोगों से जो हमारे आस पास हैं। हमारे साथ भी होता है कि हमे खारिज किया जाता है तो बुरा लगता है। सोचिए जोकर जिसे कभी मंजूरी मिली ही नहीं जबकि वो सबकुछ ठीक कर रहा था एक पैटर्न पर चलता हुआ मगर फिर भी उसे नहीं मिला कोई पुरस्कार या एक अदद जगह जिससे वो कर सके अपनी दुनिया को साकार। उल्टा जिसने भी उसे सम्मान दिलाने का वादा किया उनके स्वार्थ थे निहित उसमें और जोकर जब ये जान गया तो धमाका तो होना ही था और हुआ भी। फिल्म लंबे समय तक आप पर असर करेगी क्योंकि ये दूसरे स्तर पर बात करती है मानसिक बीमारियों से परेशान लोगों की और उनके जीवन की ..आप समझ पाते हैं कि कितना कठोर है समाज ऐसे लोगों के लिए।वॉकिन फीनिक्स ने जोकर के किरदार को कमाल का प्ले किया है। उन्होने अपना वजन कम करने के साथ उस किरदार की उदासी, उसके मनोभाव को पूरी तरह बसा लिया है।   डीसी फिल्म्स निर्मित और टॉड फिलिप निर्देशित फिल्म ‘जोकर’ आम दर्शक को भले न रास आए लेकिन इतना जरूर है कि अलग तरह के सिनेमा देखने वालों को भाएगी।

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