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‘कभी ख़ुशी कभी गम’ के सेट पर Hrithik Roshan से दूरी बनाते थे शाहरुख, अमिताभ और काजोल : करण जौहर

Hrithik Roshan सेट पर एक खोए हुए बच्चे की तरह था

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Hrithik Roshan सेट पर एक खोए हुए बच्चे की तरह था :

करण जौहर के निर्देशन में बनी फिल्म कभी खुशी कभी गम भले ही परिवार को प्यार करने की सीख देती हो, लेकिन मल्टीस्टारर के सेट पर माहौल घरेलू और प्यार से कोसों दूर था। कम से कम, ऋतिक रोशन के लिए तो. करण जौहर ने हाल ही में ये खुलासा किया कि शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और काजोल उनके साथ दूरी बनाते थे, और यह देखना मेरे लिए वाकई दुखी करने वाला था। फिल्म निर्माता ने कहा कि सेट पर ये तनाव ‘कहो ना प्यार है’ की ऐतिहासिक कामयाबी की वजह से शुरु हुआ. कहो ना प्यार है की ब्लॉकबस्टर सफलता के साथ, ऋतिक सुपरस्टार की बनी बनाई दुनिया में सेंध लगा चुके थे और सभी को दिख रहा था कि वो कई मायनों में सबसे अलग और टोटल ब्लॉकबस्टर मैटेरियल थे. मैं ये कहूंगा कि उन्होनें खान्स के साथ सभी कलाकारों को अपनी स्टारडम से बेचैन कर दिया था.

बॉलीवुड को उसका नया सुपरस्टार मिल चुका था और सबसे ज्यादा तुलना शाहरुख से की जा रही थी. ऋतिक भी इन खबरों को देख कहता था कि “यह अनुचित है क्योंकि वह बहुत जूनियर है और शाहरुख पहले से ही इतने बड़े स्टार हैं।” लेकिन यह एक ऐसा दौर था जब शाहरुख की फिल्में लगातार फ्लॉप हो रहीं थीं और मीडिया ने ऋतिक को प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया था। एक बड़े ली़डिंग डेली की हेडलाइन तो यहां तक थी कि ऋतिक ने छीना खान तिकड़ी का साम्राज्य जबकि ऋतिक में कभी कोई अंहकार या ईगो मैने नहीं पाया जो आजतक कायम है और ऐसा इसलिए क्योंकि उसने इन स्टार्स को एक असिस्टेंट के तौर पर बहुत करीब से देखा है और सभी ने उसके स्टार बनने में उसे मदद की है उसे सीखाया है.  करण आगे कहते हैं –

“ मेरे सेट पर जो नेगेटिविटी सामने आई, वह सही नहीं थी, और सबसे ज्यादा बुरी बात कि ये दुखी कर देने वाली थी. मैं देख सकता था शूटिंग के दौरान ऋतिक एकमात्र ऐसा कलाकार था जिसका इन बड़े दिग्गज सुपरस्टार्स को हाथ पकड़ने की जरूरत थी, उसका स्वागत इस बड़ी फिल्म में यादगार तरीके से होना चाहिए था जो मल्टीस्टारर फिल्मों के लिए मिसाल बन सके। देखिए अमिताभ बच्चन उससे बहुत बड़े थे, और उनसे बात करने में उसे हमेशा दिक्कत होती और ये जायज है लेकिन शाहरुख का उससे दूरी बनाना सही नहीं था और ये सब मीडिया में आ रही खबरों से हो रहा था, काजोल सबसे फ्रेंडली रहती है लेकिन ऋतिक के साथ उसने भी दूरी बनाई क्योंकि वो उस वक्त टीम शाहरुख मे थीं।

करण ने अपनी किताब में इन सारी बातों का खुलासा किया है, उन्होने लिखा है कि ”मैने महसूस किया कि कभी खुशी कभी गम के निर्माण के दौरान ऋतिक एक ‘खो हुआ बच्चा’ था और उसे उन्होंने कंफर्टेबल करने की कोशिश की।मुझे लगा कि मुझे उसका हाथ थोड़ा पकड़ने की जरूरत है और ऐसा करके हमने वास्तव में अच्छी दोस्ती विकसित की। ऋतिक शुरु से बहुत अनुशासित बच्चे जैसा है, वो बाकी स्टार्स जैसा कोई बैगेज लेकर साथ नहीं चलता, बहुत आसान और भावुक इंसान है जो आमतौर पर इंडस्ट्री में नहीं होते और हो सकता है वह हमारे स्टार्स के मुताबिक ज्यादा अनुकूल नहीं । हालांकि वो अब काफी बेहतर हो गया है लेकिन उसने अपना मूल स्वभाव कभी नहीं बदला जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद है.

करण के इस खुलासे के बाद कोई नहीं सोच सकता कि 2001 में रिलीज़ होने वाली कभी ख़ुशी कभी गम जिसने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई और अब तक की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों में से एक बन गई।  उसके सेट पर प्यार नहीं तनाव का माहौल था.

Source- HT 

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