
जोश भर जाता है….गुस्से में मुठ्ठियां भींच कर हम दांत पीसने लगने लगते हैं….ऐसा लगता है जैसे बदले की आग वाकई हमारे ही अंदर जल रही है….कसम से मिल जाए थैनोस तो उसे एक मुक्के में खत्म कर दें…इतनी आग हमारे अंदर भर जाती है…एवेंजर्स एंड गेम का दूसरा ट्रेलर देखते हुए कुछ ऐसा ही मुझे भी महसूस हुआ…लगा कि मैं ही टोनी स्टार्क के साथ दूर कहीं अंतरिक्ष में बिना ऑक्सीजन-पानी के फंसा हुआ हूं…लगा कि मैं ही कैप्टन अमेरिका के बगल में खड़ा होकर उन्हे सैल्यूट कर रहा हूं….ऐसा लगा कि थॉर का हथौड़ा अभी मैं उठा लूंगा…..हर एक याद ताजा हो गई…
एवेंजर्स एंड गेम के ट्रेलर ने सुपह हीरोज के उन पहलुओं को छुआ है जिन्हें देखकर हम जोर से चीख पड़ते हैं….कि ये मेरा फेवरेट है… आखिर में कैप्टर मॉर्वल भी है..पर सच बातऊं तो शायद ही कोई फैन कैप्टन मॉर्वल के साथ खुद को जोड़ पाता है…पर बाकी सुपर हीरो कैरेटर्स ऐसे हैं जैसे हम खुद ही उनकी दुनिया में हों….
फिल्म का ट्रेलर देखते हुए हमें इस बात का यकीन होने लगता है कि हां हमें उनके हारने-जीतने से फर्क पड़ता है….हां हमें उन्हे लगातार देखना अच्छा लगता है….फिल्म का बैगग्राउंड स्कोर कई दिनों तक हमारे कानों में खुद ब खुद गूंजता रहता है….एक बार नहीं दो बार नहीं कई बार अपने फेवरेट सुपर देखने पर भी हमें वैसा ही एहसास होता है जैसे पहली बार देख रहे हों…
तो इस बार 26 अप्रैल को जब एंडगेम देखने जाएं तो खुद से एक वादा करके जाएं कि मार्वल्स के उन तमाम सुपर हीरोज की फिल्म उसी क्रम में देखकर फिर आप एंडगेम का रुख करेंगे…इससे दो फायदे होंगे पहला तो आपको ये फिल्म हर सीन और कहानी के कनेक्शन के बारे में पता रहेगा और दूसरा एक ताजगी रहेगी…सच मानिए लगेगा जैसे आपकी जिंदगी से जुड़ी हुई कहानी हो…आपके सपनों की सुपरहीरो की दुनिया जिसे सिनेमाई पर्दे पर…जिसे स्टैन ली ने अपनी कलम से आकार दिया और जो रुस्सो उस कल्पना को सिनेमाई हकीकत में बदल दिया…..
तैयार रहिए…एंडगेम सिर्फ सुपरहीरोज की लड़ाई नहीं है…हमारी भी है…बदला सिर्फ उनका ही नहीं हमारा भी है….
