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सिनेमा की सोच और उसका सच

सलमान खान के चाहनेवालों में पेरिस हिल्टन भी हुई शामिल

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की पॉपुलारिटी को आलम तो आप और हम जानते ही है....लेकिन अब उनके चाहनेवालों में एक मशहूर हस्ती शामिल हो गई है

INTERVIEW : कभी नहीं सोचा था कि ‘KALANK’ का हिस्सा बनूंगा- वरुण

करण जौहर की लार्जर देन लाइफ फिल्म कलंक आज रिलीज हो गई है...शानदार स्टारकास्ट और उससे भी शानदार सेटअप वाली इस फिल्म को लेकर लोगों के बीच मिलाजुला रिएक्शन है...हालांकि जफर के किरदार में वरूण धवन फिल्म में अपनी एक अलग छाप छोड़ते नजर आ रहे…

समकालीनता का विजयी रथ ‘काला’

पा रंजीत की ' काला’ आज की राजनीति की महत्वपूर्ण फिल्म है। रजनीकांत की करिश्माई काला कहानी है तिरुनेलवेली के एक गैंगस्टर की जो बाद में धारावी का किंग बन जाता है । वो ताकतवर नेताओं और भू माफियाओं से जमीन की लड़ाई लड़ता है।  हिंसा, शक्ति…

जैकलीन फर्नांडीज ने शेयर की अपने नए वर्कआउट रिजीम की झलक!

बॉलीवुड में सबसे फिट कलाकार में से एक, जैकलीन फर्नांडीज अपने दिनचर्या में कभी भी कसरत करना भूलती नहीं है और उनका हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट इस बात का सबूत है। अभिनेत्री अक्सर अपने दिनचर्या की झलक साझा कर के अपने प्रशंसकों का मनोरंजन करती रहती…

इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर गली बॉय अमेज़ॅन प्राइम वीडियो के साथ डिजिटल डेब्यू के लिए है तैयार!

एक्सेल एंटरटेनमेंट और टाइगर बेबी द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म अपनी नाटकीय रिलीज के तुरंत बाद अब प्राइम वीडियो पर अपने डेब्यू के लिए तैयार है। ज़ोया अख्तर द्वारा निर्देशित और सीधे मुंबई के गल्लियों से निकल कर सुपरस्टार रणवीर सिंह और…

रील बलविंदर सिंह संधू उर्फ़ अम्मी विर्क को असली बलविंदर सिंह द्वारा मिल रही है ट्रेनिंग!

कप्तान कपिल देव के नेतृत्व में, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप की पहली जीत दिलाई थी, 1983 के विश्व कप ने क्रिकेट प्रेमियों के दिमाग में एक गहरी छाप छोड़ दी थी।

श्रेनु पारिख उर्फ ​​जान्हवी मित्तल ने 1000 साल पुराने सास-बहू मंदिर में अपना शो “एक भ्रम- सर्व…

टीवी की नई बहू जान्हवी मित्तल उर्फ ​​श्रेनु पारिख ने उदयपुर में 1000 साल पुराने सास - बहू मंदिर में स्टार प्लस पर आनेवाले अपने आगामी शो "एक भ्रम- सर्व गुन सम्पन्न" को लॉन्च कर दिया है।

हिंदी सिनेमा के पहले स्टार गायक अभिनेता कुंदन लाल सहगल

गम दिए मुस्तक़िल एवं ‘बाबुल मोरा नईहर छूटो जाए’ जैसे अमर गीतों के प्रतिनिधि कुंदन लाल सहगल का जन्म 11 अप्रैल 1904 को जम्मू के नवांशहर में हुआ था। बचपन के दिनों से ही सहगल को संगीत ने काफी प्रभावित किया। स्कूल जाने की उम्र में रामलीला के

Clssic Tale “BOOT POLISH : मुट्ठी में तकदीर और आँखों में उम्मीदों की दिवाली

देश के 1947 में आजाद होने से पहले माहौल कुछ इस तरह का बन गया था कि आजादी मिलते ही देश का कायाकल्प हो जाएगा। भुखमरी, सूखा, बाढ़ और बेरोजगारी हर समस्या का एक ही इलाज नजर आता था आजादी। उम्मीदें बहुत बढ़ गई थीं और उनमें से ज्यादातर झूठी थीं।