FilmCity World
सिनेमा की सोच और उसका सच

INTERVIEW TARA SUTARIA : मैं गॉसिप और लिंक-अप्स की अफवाहों के लिए पहले से तैयार थी !

तारा सुतारिया स्टूडेंट ऑफ द ईयर -2 से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहीं है..धर्मा प्रोडक्शन से ड्रीम डेब्यू होने के साथ साथ वो अपने साथी कलाकारों को लेकर भी काफी खुल कर बोल रहीं हैंं..सिद्धार्थ मल्होत्रा के अफेयर के किस्सों से लेकर आने वाली फिल्मों तक पर उनसे बातचीत की फिल्मसिटी वर्ल्ड संवाददाता शौनक जैन ने…पेश है इस बातचीत के खास अंश..

0 1,310

रिपोर्टर – तारा..आपने एक्टर बनने का कब सोचा ?
तारा – जब मैं कॉलेज में थी तब। तब मैं बहुत ज़्यादा म्यूजिकल थिएटर और नाटको का हिस्सा बनती थी।  मैने सोचा मुझे अभिनय और गाने का शौक है तो में यही करूँगी क्योंकि इसमें मुझे आनंद आता है.. फिर मेैं करण जौहर सर से मिली और ये सपना सच हुआ।

रिपोर्टर – करण जौहर आमतौर पर एक मेंटर होते हैं नए लोगों के लिए जब वो उन्हें लॉन्च करते हैं। आपके साथ उनका कैसा समीकरण रहा ?
तारा – सबसे पहले तो वो बहुत दयालु हैं, उन्होंने शुरू में ही मुझसे पूछा कि मैंने क्या सोचा है अपने बारे में। मैंने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था और वो उन्हें काफी पसंद आया था। उन्होंने ने मुझे बताया कि इन्डस्ट्री कैसे काम करती है और पुनीत ( फिल्म के डायरेक्टर ) के साथ इस फिल्म को कैसे शूट किया जाए उसके बारे में बताया..वह बहुत ही प्यारे इंसान हैं.. वह हमारे जीवन में सभी दिशाओं में  बराबर मार्गदर्शन करते रहे..जबकि हम सभी जानते हैं कि वो कितने व्यस्त इंसान हैं।

रिपोर्टर- आपकी पहली फ़िल्म के रिलीज़ से पहले ही आपके पास दो और फिल्में हाथ में हैं..जरा इस बारे में बताएं।

तारा- मुझे पता है! यह सपने के सच होने जैसा है। मैं वाकई आजकल इस बारे में सोच रही हूं कि स्टूडेन्ट ऑफ द ईयर-2 चंद दिनों में रिलीज़ होने जा रही है..मैंने अभी-अभी “मरजावां” की शूट खत्म की है और मैं दो सप्ताह में अप अगली फ़िल्म शुरू कर रही हूं। इसलिए मैं बहुत खुशकिस्मत महसूस कर रही हूं और साथ ही बहुत विनम्रता के साथ इन सब बातों का स्वीकार कर रहीं हूं।  मैंने इस साल केवल एक फिल्म के बारे में सोचा था और अब मेरे पास 3 अच्छी फिल्में हैं।

रिपोर्टर- तारा… आपकी बाकी दो फिल्में किस तरह की होंगी..दर्शक उनसे क्या उम्मीद रखें ?
तारामरजावां एक इमोशनल, एक्शन फ़िल्म है जिसमे मैं ऐसा किरदार निभा रही हूँ जो किसी ने अब तक नहीं देखा होगा। ये एक ट्रेडिशनल रोल के करीब वाला किरदार है..वहीं मेरी तीसरी फ़िल्म दक्षिण की फ़िल्म ‘rx100’ का रीमेक है जिसके बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं बता सकती ।

रिपोर्टर – आप किस तरह से गॉसिप्स से डील करतीं हैं? बहुत सी बातें लिखीं गईं हैं आपके बारे में..खासतौर पर सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​के साथ अफेयर की खबरों पर क्या कहना है आपका ?
तारा – मुझे लगता है कि यह ऐसी चीज़ है जिसके लिए मैं तैयार थी। खास कर कि क्योंकि ये धर्मा प्रोडक्शन है तो फोकस बहुत रहेगा मीडिया का आप पर..लेकिन सच कहूं तो ये मज़ेदार और एक्ससिटिंग भी है और कुछ हद तक क्यूट भी। रही बात सिद्धार्थ की तो वो मेरे पड़ोसी हैं और हम काफी बातें करते है और अच्छे दोस्त हैं।

रिपोर्टर- तारा आपका अब तक का अनुभव कैसा रहा है ? हम जानते हैं कि ये आपका पहला ऑनस्क्रीन एक्सपीरियंस नही था पर फिर भी?
तारा – देखिए इस स्केल पर तो ये मेरे लिए पहली बार ही था! मैं बहुत खुशकिस्मत रहीं हूँ जो मुझे सारी ज़िन्दगी इस कला को करीब से देखने का मौका मिला है। ये सच है कि मैं हमेशा से ही अभिनय करती आयी हूँ। पर ये मेरे लिए एक नई दुनिया थी, यह वो सब था जो एक ‘धर्मा लॉन्च’ हो सकता था, सपनें जैसा, एकदम जादूई, हर दिन लगा किसी हॉलिडे पर हूं क्योंकि हम मसूरी जैसी खूबसूरत जगहों पर शूट कर रहे रहे। इसिलए मुझे लगता है की मैं बेहद लकी रहीं हूं।

रिपोर्टर -ज्यादातर जब कोई अपनी पहली फ़िल्म करता है तो उन्हें आपने साथ ज्यादा कलाकारों का स्क्रीन स्पेस नहीं अच्छा लगता.. क्या आपको कभी ऐसा लगा कि आपको अपनी पहली फ़िल्म में इतने कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करनी पड़ी है ?
तारा – नही, ऐसा कुछ डर नहीं था। मुझे लगता है कि मैं और किसी अलग तरीके से डेब्यू नही करना चाहूंगी। हम तीनो की एक ‘सुपर टीम’ बनती है ओर ये मेरा बेस्ट एक्सपीरिएंस रहा है।

रिपोर्टर – अनन्या  पाण्डेय के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा?
तारा – अनन्या और मैं दो अलग इंसान है। वो ज़्यादा बातें करती है और आउट गोइंग है और मैं ज़्यादा रिजर्व्ड  हूँ। उसके साथ सेट पर रहना बहुत अच्छा था। वो बहुत आरामपसंद है और शांत है और जब मैं भावनात्मक रूप से तनावग्रस्त हो जाती हूं, तो वह हमेशा मेरी मदद करने के लिए होती है और हम बहनों की तरह हैं इसलिए उसके साथ काम करना वास्तव में आसान और शानदार रहा है।

रिपोर्टर – टाइगर के साथ कदम मिलाना और एक्टिंग करना कितना आसान या कठिन था ?
तारा – हम भाग्यशाली हैं क्योंकि टाइगर बहुत सुकून और आराम से काम करता है.. पेशेवर रूप से डांस नें मास्टर होने के साथ साथ वो टीम प्लेयर है इसलिए बहुत अच्छा रहा उनके साथ काम करना।

रिपोर्टर – तारा क्या आपको दुगुना दबाव महसूस हो रहा है क्योंकि यह आपकी पहली फिल्म होने के साथ-साथ एक फ्रैंचाइज़ी भी है ?
तारा – वास्तव में, हर कोई हमसे यह नहीं पूछता है और मैंने इसे कुछ सोचा है और मुझे नहीं लगता कि कोई दबाव है। उम्मीदें स्वाभाविक रूप से बहुत अधिक हैं क्योंकि पहली फिल्म ने खूब लोकप्रियता बटोरी थी … हाँ नर्वसनेस और थोड़ी घबराहट ज़रूर है जो हर फ़िल्म के साथ होती है। हमने पूरा एक साल दिया है फ़िल्म को तो ये तो स्वाभाविक है।

रिपोर्टर – तारा और टाइगर स्टार किड्स है। जब पहले मुलाकात हुई तब आप सबके बीच कैसा समीकरण था , कोई अजीब बात तो नहीं हुई ?
तारा – नही, मुझे ऐसा कुछ नहीं लगा। टाइगर मेरे जैसे हैं, हम दोनो काफ़ी शर्मीले हैं और ज़्यादा बातें नहीं करते। हम मिलते ही अच्छे दोस्त बन गए और हमारी पसंदीदा चीज़ों जैसे डांस और माइकल जैक्सन के बारे में बात करने लगे।अनन्या से मैं फ्लाइट पर मिली थी और फिर धर्मा की दिवाली पूजा पर हम ने साथ में ‘ओम जय जगदीश’ गाया। बड़ा मज़ा आया था और एक अमेज़िंग एक्सपीरिएंस था। तो कभी कुछ अजीब नही था शुरु से।

रिपोर्टर -आप इस कॉलेज में क्या पढ़ रहीं हैं ?
तारा – जी ये तो बड़ा मुश्किल सवाल पूछा आपने। में कहना चाहतीं हूँ कि ट्रेलर देखकर आपको पता चल ही गया होगा कि हम इसमे डांस, गाने और खूबसूरत लड़कों को देख रहे हैं और कब्बड्डी खेल रहे है। ये धर्मा की स्कूल है (हंसते हुए ).

रिपोर्टर – ये एक असली कॉलेज से कितना अलग पाया आपने ?
तारा – इट वाज़ सो कूल। मतलब यहां ध्यान उन चीज़ों पर दिया जाता है जो आमतौर पर दूसरे कॉलेजों में नहीं दिखतीं जैसे डांस, गाने, अलग अलग आर्ट फॉर्म और सभी कुछ इतना खूबसूरत होता है। किसी किताब का पन्ना पलटना भी इतना सुंदर दिखता है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.