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Interview Sidharth Malhotra : ‘रोहित शेट्टी और राजकुमार हिरानी के साथ काम करना चाहता हूं’

Sidharth Malhotra अपनी फिल्म मरजावां के प्रमोशन में व्यस्त हैं, उन्हें फिल्म से काफी उम्मीदे हैं उनसे खास बातचीत की हमारी सीनियर रिपोर्टर वर्षा दीक्षित ने।

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रिपोर्टर – Sidharth मरजावां में ऐसा क्या खास था जिसकी वजह से आपने फिल्म को करना मंजूर किया ?

सिद्धार्थ – जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस फिल्म के निर्देशक मिलाप जावेरी हैं जिनके लिखे डायलॉग्स मैने एक विलेन में बोले थे तभी से मैं उनकी मसाला डायलॉगबाजी को पसंद करता रहा हूं। ये फिल्म मेरे पास आई सत्यमेव जयते से एक साल पहले। मिलाप ने सत्यमेव जयते बीच में बनाई लेकिन मुझे इस फिल्म की कहानी बहुत पसंद आई क्योंकि ये एक इंटेंस लव स्टोर है । सबसे खास बात जो लगी वो इस फिल्म का 70 और 80 के दशक की फिल्मों जैसा प्लॉट होना जहां खूब मसालेदार डायलॉग और हीरोगिरी करने का मुझे मौका मिला। मैं खुद बच्चन साहब की उन इंटेंस फिल्मों का कद्रदान रहा हूं तो मुझे ये फिल्म इन सारी वजहों से करना जरूरी लगा।

रिपोर्टर – आजकल नए एक्टर्स अपनी अलग पहचान बना रहे हैं, चाहे वो टाइगर हों, आयुष्मान हों या फिर राजकुमार राव या विकी कौशल, आप खुदपर कितना काम कर रहें हैं कि आपको भी इस लीग में जगह मिले?

सिद्धार्थ – यकीनन हर एक्टर चाहता है कि उसकी एक अलग पहचान बनें मैं भी अपने लिए यही चाहता हूं.मैं मेहनत करता हूं ईमानदारी के साथ साथ नैचुरल होकर एक्ट करता हूं । बड़े विजन वाले डायरेक्टर्स के साथ काम करना चाहता हूं जो मुझसे मेरा बेस्ट निकलवा सकें लेकिन ये सब निर्भर करता है कि मेरी फिल्में उन निर्देशकों को कितना अपील करती हैं या मेरा काम उन्हें ऐसा लगता है या नहीं कि मैं उनकी फिल्मों के लायक हूं तो मेरी कोशिश जारी है देखते हैं कहां तक कामयाबी मिलती है। काम मेरे हाथ में हैं वो मैं मेहनत और ईमानदारी से करता हूं। मैं रोहित शेट्टी और राजकुमार हिरानी के साथ काम करना चाहता हूं।

रिपोर्टर – पुराने मसालेदार सिनेमा के दौर में किस फिल्म ने प्रभावित किया या जिसकी यादें आपके जहन में अब भी हैं ? 

सिद्धार्थ – वैसे तो बहुत सी यादें हैं लेकिन अमिताभ बच्चन रजनीकांत डैनी सर की फिल्म हम मुझे बेहद पसंद हैं, न जाने क्या इम्पैक्ट था उस फिल्म का मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। मुझे याद है वो वीडियो कैसेट्स यानि VHS का जमाना हुआ करता था और मेरे पास अभी भी हम की वीडियो कैसेट पड़ी हुई है। उसमें जिस तरह से अमित जी बख़्तावर ललकारते हैं वो प्रभाव मैं भूल नहीं सकता। वो दौर ही अलग था बयां करना मुश्किल है उसे सिर्फ अनुभव किया जा सकता है।

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