FilmCity World
सिनेमा की सोच और उसका सच

Interview Shraddha Kapoor : ”सायना बायोपिक छोड़ने का कोई अफसोस नहीं”

0 99

Shraddha प्रभास जैसे सुपरस्टार के साथ काम करना कैसा रहा ?
प्रभास के साथ काम करने के अनुभव को बयां करना मुश्किल है..उनके साथ इतना आसान रहता है काम करना कि कठिन से कठिन टास्क भी चुटकियों में हो जाता है। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह बहुत विनम्र हैं इतने बड़े सुपरस्टार होते हुए भी..उनका मन और काम करने का तरीका पूरी तरह से जमीन से जुड़ा है । उनकी सबसे प्यारी बात लगती है कि वो बेहद शर्मीले हैं लेकिन साथ ही अपने को-स्टार की परवाह भी करते हैं.. उन्होंने मेरा ही नहीं बल्कि मेरी टीम का भी बहुत ध्यान रखा।

एक कलाकार होने के नाते मानती हैं कि वक्त के साथ आपकी जिम्मेदारी बढ़ी है ?

जी ये कलाकार की जिंदगी में होता है..पहले पापा मम्मी पर डिपेंड थी लेकिन जबसे कमाना शुरु किया है खुद ही अपनी टीम की सैलरी वगैराह देखती हूं..

सायना नेहवाल बायोपिक छोड़ने का कितना अफसोस है ? 

कोई अफसोस नहीं है। जबकि मैने बहुत मेहनत की उस फिल्म के लिए लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। मैं सच सच आपको बताती हूं कि आखिर हुआ क्या। जब फिल्म शूट के लिए तैयार थी उसी वक्त मुझे डेंगू हो गया। उसके बाद मैं बहुत कमजोर हो गई और मुझे रिकवर होते ही साहो की कमिटमेंट पूरी करनी थी । साहो का शूट मैने पूरी तरह से ठीक न होते हुए भी पूरा किया है। फिर एक दिन टीसीरीज़ से भूषण कुमार आए और कहा कि मुझे स्ट्रीट डांसर और सायना में से एक को चुनना पड़ेगा क्योंकि डेट्स में टकराव हो रहा है शूटिंग शेड्यूल के हिसाब से। चूंकि रेमो सर ने मुझे एबीसीडी में बड़ा ब्रेक दिया था इसलिए मैने स्ट्रीट डांसर चुना लेकिन मैं खुश हूं कि परिणिती कर रही है ये फिल्म वो बहुत अच्छा करेगा ऐसा मेरा यकीन है।

साहो और स्ट्रीट डांसर के शूट में आपको खूब चोटें लगी हैं ऐसा सुनने में आया है। 

अरे मत पूछिए मेरी तो साल 2019 स्टार्ट ही चोट से हुआ है.. ‘स्ट्रीट डांसर’ और ‘साहो’ में स्टंट और डांस में खूब चोट लगी है। मेरा टखना, गर्दन, कंधे, पिछवाड़ा, सब टूटा है।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.